बैरिहवा विद्यालय में सजी सफलता की रंगीन शाम — वार्षिक उत्सव में सम्मान, विदाई और सपनों को मिली नई उड़ान
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, फ़िरोज अहमद, सिद्धार्थनगर, उ.प्र.
बैरिहवा— शिक्षा, संस्कार और सम्मान की अनुपम त्रिवेणी उस समय देखने को मिली, जब प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बैरिहवा में वार्षिक उत्सव एवं अभिभावक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, अभिभावकों के समर्पण और शिक्षकों के अथक प्रयासों का जीवंत उत्सव बनकर उभरा।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्साह और उल्लास के माहौल में हुई, जहाँ विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी सजावट और बच्चों की मुस्कुराहट से जगमगा उठा। इस विशेष अवसर पर पास आउट हुए सभी विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। शिक्षकों और साथियों की आंखों में खुशी के साथ-साथ विदाई की हल्की उदासी भी झलक रही थी। बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ सम्मानपूर्वक विदा किया गया। समारोह का सबसे प्रेरणादायक पल तब आया, जब राज्य स्तरीय खिलाड़ियों के अभिभावकों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके बच्चों की उपलब्धियों का प्रतीक था, बल्कि उस त्याग, समर्पण और प्रोत्साहन का भी प्रतीक था, जो अभिभावक अपने बच्चों के सपनों को साकार करने में देते हैं।
इसी क्रम में खिलाड़ियों को उनकी निरंतर प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के लिए साइकिल उपहार स्वरूप प्रदान की गई। यह पहल न केवल उनकी खेल यात्रा को गति देने का माध्यम बनी, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई कि मेहनत और लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री निसार अहमद, सहायक अध्यापक श्री महेंद्र मिश्रा, हरनारायण, श्री धनंजय प्रजापति सहित समस्त विद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने, अपने लक्ष्य को पहचानने और निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया।
यह वार्षिक उत्सव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा मंच बना, जहाँ सम्मान, प्रेरणा और भविष्य की नई उम्मीदों ने जन्म लिया। बैरिहवा विद्यालय का यह प्रयास निश्चित ही समाज में शिक्षा और खेल के प्रति नई जागरूकता और उत्साह का संचार करेगा।
यह आयोजन यह संदेश देने में सफल रहा कि जब विद्यालय, अभिभावक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो सफलता की राह खुद-ब-खुद आसान हो जाती है।






