डिजिटल सेवाओं के विस्तार को मिली नई उड़ान : आजमगढ़ विकास भवन में सीएससी संचालकों की भव्य कार्यशाला, वित्तीय समावेशन और बीमा योजनाओं पर हुआ मंथन
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, राजेश गुप्ता
आजमगढ़।
डिजिटल भारत के सपनों को गांव-गांव तक पहुंचाने और आमजन को बैंकिंग, बीमा व वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में सोमवार को आजमगढ़ विकास भवन का सभागार उस समय उत्साह, ऊर्जा और नई सोच से सराबोर दिखाई दिया, जब एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद भर से पहुंचे सैकड़ों सीएससी संचालकों ने सहभागिता कर डिजिटल सेवाओं, वित्तीय समावेशन तथा बीमा योजनाओं की बारीकियों को जाना और अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय हेड कृष्ण कुमार सिंह डिजी पे, मयंक रावत बैंकिंग दिल्ली, गौरव खन्ना बैंकिंग हेड लखनऊ, स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष शर्मा, अश्वनी शुक्ला वित्तीय समावेशन गोरखपुर, सीएससी चैनल पार्टनर श्रीराम फाइनेंस से राहुल कुमार यादव, इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस से राहुल सिंह, एसबीआई लाइफ से अपूर्वा तिवारी तथा जिला प्रबंधक बृजेश सिंह व जितेंद्र विश्वकर्मा के सौजन्य से किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद मंचासीन अतिथियों का जोरदार स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ग्रामीण भारत की रीढ़ बन चुका है। गांवों में रहने वाले लाखों लोगों तक सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और बीमा सेवाओं को पहुंचाने में सीएससी संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय हेड कृष्ण कुमार सिंह डिजी पे ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाया है। उन्होंने कहा कि सीएससी संचालक केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि गांव और शहर के बीच डिजिटल सेतु के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संचालकों से ईमानदारी, पारदर्शिता और बेहतर सेवा भावना के साथ लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।

मयंक रावत बैंकिंग दिल्ली और गौरव खन्ना बैंकिंग हेड लखनऊ ने बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, डिजिटल ट्रांजैक्शन की सुरक्षा तथा ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाला समय पूर्ण रूप से डिजिटल होगा और ऐसे में सीएससी संचालकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष शर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य से सीएससी केंद्रों को लगातार नई तकनीकों और सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। वहीं अश्वनी शुक्ला ने वित्तीय समावेशन पर जोर देते हुए कहा कि गांवों में बैंकिंग जागरूकता बढ़ाने में सीएससी की भूमिका सराहनीय रही है।
कार्यक्रम में श्रीराम फाइनेंस के राहुल कुमार यादव, इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के राहुल सिंह तथा एसबीआई लाइफ की अपूर्वा तिवारी ने बीमा योजनाओं, निवेश सुरक्षा तथा आमजन को आर्थिक मजबूती प्रदान करने वाले विभिन्न विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि बीमा केवल सुरक्षा नहीं बल्कि परिवार के भविष्य की गारंटी है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुंचाना आवश्यक है।

जिला प्रबंधक बृजेश सिंह एवं जितेंद्र विश्वकर्मा ने जनपद के सीएससी संचालकों की मेहनत और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि आजमगढ़ के संचालक लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से समाज में नई क्रांति ला रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सीएससी संचालकों को विभिन्न तकनीकी जानकारियां, डिजिटल बैंकिंग प्रक्रिया, ग्राहक सेवा, साइबर सुरक्षा तथा बीमा योजनाओं के प्रचार-प्रसार से संबंधित महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए गए। कई संचालकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार सीएससी केंद्र ग्रामीण जनता के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने इस कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
निष्कर्ष
आजमगढ़ विकास भवन में आयोजित यह एक दिवसीय कार्यशाला केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण, वित्तीय जागरूकता और ग्रामीण विकास की दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम साबित हुई। जिस प्रकार बड़ी संख्या में सीएससी संचालकों ने इसमें भागीदारी की, उससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में डिजिटल सेवाओं का दायरा और अधिक विस्तृत होगा तथा गांव-गांव तक तकनीक और वित्तीय सुविधाओं की रोशनी पहुंचेगी।







