जमीन के नाम पर 28 लाख की ठगी: बिलरियागंज पुलिस ने वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार
आजमगढ़। जनपद में जमीन खरीद–फरोख्त के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई बिलरियागंज थाना पुलिस द्वारा की गई, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
मामले के अनुसार, वादी दीपक यादव, जो ग्राम बघैला में मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं, को परिचितों द्वारा विश्वास में लेकर जमीन बेचने का लालच दिया गया। अभियुक्तगण—सचिन यादव, सच्चिदानंद यादव, राजपाल यादव एवं विजय यादव—ने अपने ससुर की जमीन (गाटा संख्या 545 व 596, लगभग 37 बिस्वा) को 30 लाख रुपये में बेचने की बात कही।
विश्वास में लेकर वादी से विभिन्न तिथियों में ₹15 लाख बैंक खाते में और ₹13 लाख नगद, कुल ₹28 लाख रुपये प्राप्त कर लिए गए। लेकिन इसके बावजूद जमीन का बैनामा नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पहले ही रजिस्ट्री की जा चुकी थी।
चेक भी निकला फर्जी, धमकी भी दी
जब वादी ने पैसे वापस मांगे, तो अभियुक्त विजय यादव ने ₹28 लाख का चेक दिया, जो बैंक में हस्ताक्षर मेल न खाने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद दिया गया दूसरा चेक भी कूटरचित पाया गया। विरोध करने पर अभियुक्तों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
दिनांक 29.03.2026 को वादी द्वारा भोपतपुर कल्यानपुर चौक के पास अभियुक्त सचिन यादव को देखे जाने पर यूपी-112 को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पीआरवी टीम ने अभियुक्त को हिरासत में लेकर थाना बिलरियागंज पहुंचाया।
इसके बाद दिनांक 30.03.2026 को समय लगभग 09:50 बजे पुलिस ने अभियुक्त को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
दर्ज मुकदमा
मु0अ0सं0 56/2026
धारा 318(4)/336/336(3)/338/340/352/351(3) BNS
थाना बिलरियागंज, जनपद आजमगढ़
गिरफ्तार अभियुक्त
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सचिन यादव
निवासी – ग्राम परेवा रूद्रपुर, थाना रौनापार, जनपद आजमगढ़
पुलिस टीम
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सुनील कुमार दुबे
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योगेन्द्र कुमार
पुलिस का संदेश
बिलरियागंज पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जमीन खरीद–फरोख्त जैसे मामलों में पूरी जांच-पड़ताल और वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के खिलाफ सख्ती का संकेत है, बल्कि आमजन को न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।






