स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सीएमओ का बड़ा एक्शन: दो डॉक्टर और एक कर्मचारी का वेतन रोका, अस्पतालों में मचा हड़कंप

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सीएमओ का बड़ा एक्शन: दो डॉक्टर और एक कर्मचारी का वेतन रोका, अस्पतालों में मचा हड़कंप
  • देवगांव सीएचसी और 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज का औचक निरीक्षण, मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर खोलने के निर्देश


आजमगढ़, 15 जुलाई।

सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एन.आर. वर्मा ने मंगलवार को जनपद के दो प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण कर स्पष्ट संदेश दे दिया कि अब ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवगांव में दो चिकित्सक और एक कनिष्ठ सहायक बिना किसी पूर्व सूचना अथवा स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सीएमओ ने तीनों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने, स्पष्टीकरण तलब करने तथा संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तत्काल एक अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर संचालित करने का आदेश दिया, जिससे मरीजों को लंबी कतारों और अनावश्यक इंतजार से राहत मिल सके।

औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा सुबह सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवगांव पहुंचे। निरीक्षण की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई। सीएमओ ने अस्पताल की साफ-सफाई, ओपीडी व्यवस्था, दवा वितरण, मरीजों के उपचार, चिकित्सकों की उपलब्धता तथा उपस्थिति पंजिका का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक मिली और ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का उपचार करते पाए गए। लेकिन जब उपस्थिति पंजिका और ड्यूटी रोस्टर की जांच की गई तो कनिष्ठ सहायक विवेकानंद तिवारी, मेडिकल ऑफिसर डॉ. फणीस तथा मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेश कुमार बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।

सीएमओ का सख्त रुख, वेतन रोकने के आदेश

अनधिकृत अनुपस्थिति को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए सीएमओ ने तत्काल तीनों से स्पष्टीकरण मांगने और उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित कर्मचारी और चिकित्सक संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध शासन के नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में कार्यरत प्रत्येक चिकित्सक और कर्मचारी की प्राथमिक जिम्मेदारी आमजन को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

लालगंज अस्पताल में मरीजों की भीड़, सीएमओ ने बढ़ाई सुविधाएं

इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए उपस्थित मिले। उन्होंने ओपीडी, वार्ड, दवा वितरण कक्ष, पंजीकरण व्यवस्था और अस्पताल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। अस्पताल में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध मिला तथा साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहतर मिली। हालांकि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण पंजीकरण काउंटर पर लंबी कतारें दिखाई दीं। मरीजों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने तत्काल एक अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज का पंजीकरण शीघ्रता से हो सके और उन्हें उपचार के लिए अधिक समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

"मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता"

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने कहा कि अस्पतालों में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मानजनक व्यवहार, त्वरित पंजीकरण और गुणवत्तापूर्ण उपचार का अधिकारी है। अस्पतालों की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि मरीज और उनके परिजन अनावश्यक परेशानियों का सामना न करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, पंजीकरण व्यवस्था, चिकित्सकों की समयबद्ध उपस्थिति तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

सभी चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश

मुख्य चिकित्साधिकारी ने जनपद के सभी चिकित्सा अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि—

  • सभी चिकित्सक एवं कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहें।

  • आवश्यक जीवनरक्षक एवं सामान्य दवाओं की उपलब्धता बनी रहे।

  • मरीजों के पंजीकरण एवं उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो।

  • अस्पताल परिसर स्वच्छ, व्यवस्थित एवं मरीजों के अनुकूल बना रहे।

  • मरीजों और उनके परिजनों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

औचक निरीक्षण आगे भी रहेगा जारी

डॉ. एन.आर. वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के प्रत्येक सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित और औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी अस्पताल में चिकित्सकों अथवा कर्मचारियों की अनधिकृत अनुपस्थिति, मरीजों के उपचार में लापरवाही या स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की शिथिलता पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जनहित में बड़ा संदेश

सीएमओ का यह औचक निरीक्षण केवल अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि सरकारी अस्पतालों में अब जवाबदेही और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। मरीजों को बेहतर, त्वरित और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही प्रशासन का लक्ष्य है। यदि यह अभियान इसी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहा तो निश्चित रूप से जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा और आमजन का भरोसा भी मजबूत होगा।