सड़कें बनीं जनता की सबसे बड़ी मुसीबत! — निजामाबाद की जर्जर सड़कों को लेकर किसान नेता राजीव यादव का बड़ा आंदोलन, PWD अधिकारियों से की सीधी भिड़ंत
बरसों से टूटी सड़कों पर अब फूटा जनता का गुस्सा, ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे से गरमाई सियासत
आजमगढ़ |
निजामाबाद क्षेत्र की बदहाल और गड्ढों में तब्दील सड़कों को लेकर अब जनता का सब्र टूटता नजर आ रहा है। वर्षों से धूल, कीचड़ और जानलेवा गड्ढों का दर्द झेल रही जनता की आवाज अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। इसी कड़ी में सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव और किसान नेता राजीव यादव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता से मुलाकात कर जर्जर सड़कों के निर्माण को लेकर तीखी नाराजगी जताई और जल्द कार्य शुरू कराने की मांग उठाई।
किसान नेता राजीव यादव ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर कार्ययोजना बनने और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सड़क निर्माण में हो रही देरी जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि निजामाबाद की सड़कों की हालत ऐसी हो चुकी है कि लोगों का सफर हर दिन जोखिम से भरा साबित हो रहा है। बरसात के दिनों में सड़कें तालाब में बदल जाती हैं और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गड्ढों में सड़क नहीं, सड़क में गड्ढे हैं
राजीव यादव ने बताया कि लाहीडीह, कौड़िया, मुंडियार होते हुए कलान, तथा निजामाबाद से डोडोपुर, रानी की सराय और शेरपुर तिराहे से कबीर आश्रम त्रिमुहानी तक की सड़कों के नवीनीकरण का कार्य बरसात से पहले पूरा कराने का आश्वासन अधिकारियों द्वारा दिया गया है। हालांकि उन्होंने चिंता जताई कि निर्माण प्रक्रिया की गति बेहद धीमी है। कई गांवों में ऐसी स्थिति है कि पिछले 30 वर्षों से सड़कें केवल कागजों में दिखाई देती रहीं। ग्रामीणों ने कई बार आवाज उठाई लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने केवल आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
जनता का अल्टीमेटम — “रोड नहीं तो वोट नहीं”
क्षेत्र में जनता का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। किसान नेता ने कहा कि जनता के लगातार आंदोलन और “रोड नहीं तो वोट नहीं” के ऐलान के बाद ही जनप्रतिनिधि और प्रशासन हरकत में आया है। उन्होंने सांसदों और विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब जनता के दर्द से दूर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य तेज नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
चौड़ीकरण और सीवर लाइन की भी उठी मांग
राजीव यादव ने यह भी कहा कि केवल मरम्मत से समस्या खत्म नहीं होगी। लाहीडीह, कौड़िया, मुंडियार और कलान बाजार तक सड़क चौड़ीकरण बेहद जरूरी है, क्योंकि संकरी और टूटी सड़कें रोज दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक बाजारों में सीवर लाइन नहीं बनेगी, तब तक बारिश में जलभराव और सड़क टूटने की समस्या बनी रहेगी।
आंदोलन तब तक जारी रहेगा…
किसान नेता ने साफ कहा कि भंवरनाथ से तहबरपुर, सरायपोही समेत निजामाबाद क्षेत्र की सभी जर्जर सड़कों के निर्माण तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क का मुद्दा नहीं बल्कि जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास का सवाल है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता विनोद यादव और अवधेश यादव भी मौजूद रहे। निजामाबाद की टूटी सड़कें अब केवल विकास की विफलता नहीं, बल्कि जनता के धैर्य की परीक्षा बन चुकी हैं। वर्षों की उपेक्षा के बाद अब क्षेत्र के लोग सड़क, सीवर और मूलभूत सुविधाओं के लिए खुलकर आवाज उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ा रूप ले सकता है।







