भारत माता के जयघोष से गूंज उठा खड़ेसरी : भव्य मूर्ति अनावरण समारोह में उमड़ा जनसैलाब, डॉ. अरविंद राजभर ने दिया राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, उ.प्र.
- साईं मंदिर परिसर बना राष्ट्रभक्ति का केंद्र, वैदिक मंत्रोच्चार और राष्ट्रगान के बीच हुआ भारत माता प्रतिमा का अनावरण
बड़हलगंज, गोरखपुर।
गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज क्षेत्र स्थित साईं मंदिर, खड़ेसरी रविवार को राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता का अद्भुत केंद्र बन गया, जब यहां भारत माता मूर्ति अनावरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत माता के जयघोष, देशभक्ति गीतों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत नजर आया।
समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य मंत्री एवं डॉ. अरविंद राजभर रहे। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के बीच भारत माता की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा के अनावरण के साथ ही पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने तालियों और जयघोष के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।
“भारत माता केवल प्रतिमा नहीं, हमारी संस्कृति और आत्मा का प्रतीक” — डॉ. अरविंद राजभर
अपने संबोधन में डॉ. अरविंद राजभर ने कहा कि भारत माता केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, सभ्यता, एकता और राष्ट्रभक्ति की जीवंत पहचान है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करते हैं और युवाओं को देशहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति के हाथों में है और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज में जाति, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

डॉ. राजभर ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और सांस्कृतिक विरासत में निहित है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
आलोक गुप्ता ने बताया आयोजन का उद्देश्य
कार्यक्रम के आयोजक, जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 46 गोरखपुर एवं मानव शिक्षा सेवा संस्था के प्रबंधक आलोक गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं क्षेत्रवासियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी संस्था लगातार सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाजसेवा का कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत माता प्रतिमा की स्थापना का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, संस्कार और सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी संस्कृति और राष्ट्र की गरिमा को समझेंगे, तभी समाज और देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा।
पूनम गुप्ता और शिखर गुप्ता की रही अहम भूमिका
समारोह में समाज सेविका, भाजपा नेत्री एवं ग्राम प्रधान प्रत्याशी पूनम गुप्ता ने निवेदक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। वहीं युवा मंच सुभासपा के राष्ट्रीय प्रभारी शिखर गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना ही ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी ताकत होती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। देशभक्ति गीतों, भजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और अधिक भावुक एवं ऊर्जावान बना दिया। बच्चों और युवाओं की प्रस्तुतियों ने लोगों का दिल जीत लिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी ने इस आयोजन को सामाजिक एकता और जनसहभागिता का उदाहरण बना दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना आयोजन
खड़ेसरी में आयोजित यह भव्य समारोह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। ग्रामीणों और युवाओं ने इसे एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक पहल बताया। साईं मंदिर, खड़ेसरी में आयोजित भारत माता मूर्ति अनावरण समारोह केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और जनजागरण का संदेश देने वाला ऐतिहासिक आयोजन बन गया। कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण रहा कि आज भी लोगों के दिलों में राष्ट्र और संस्कृति के प्रति गहरी आस्था और सम्मान जीवित है।








