60,000 करोड़ की ITI उन्नयन योजना से कौशल विकास को नई उड़ान, यूपी बना स्किल हब!

60,000 करोड़ की ITI उन्नयन योजना से कौशल विकास को नई उड़ान, यूपी बना स्किल हब!

नई दिल्ली | 28 मार्च 2025: भारत के कौशल विकास क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री जयंत चौधरी और उत्तर प्रदेश के कौशल विकास मंत्री श्री कपिल देव अग्रवाल के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS), पीएम विश्वकर्मा और स्वावलंबिनी महिला उद्यमिता कार्यक्रम के तहत केंद्र-राज्य साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।

यूपी में अब तक 24.73 लाख युवाओं को मिला प्रशिक्षण!

उत्तर प्रदेश कौशल विकास में नए आयाम स्थापित कर रहा है। अब तक PMKVY के तहत 24.73 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं, PMKVY 4.0 के तहत 93,000 से अधिक युवाओं ने भविष्य की नौकरियों में नामांकन किया है, जिसमें ड्रोन सेवा तकनीशियन, एआई-मशीन लर्निंग इंजीनियर, इलेक्ट्रिक वाहन सेवा तकनीशियन और सोलर पीवी इंस्टॉलर जैसे आधुनिक तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं।

60,000 करोड़ की ITI उन्नयन योजना – नए भारत के लिए नई शुरुआत!

बैठक का मुख्य आकर्षण था राष्ट्रीय आईटीआई उन्नयन योजना, जिसके तहत भारत भर में 1,000 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक कौशल विकास केंद्रों में बदला जाएगा। इस योजना में 60,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिसमें:
30,000 करोड़ केंद्र सरकार द्वारा
20,000 करोड़ राज्य सरकारों द्वारा
10,000 करोड़ उद्योग भागीदारी द्वारा योगदान दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में 3,258 आईटीआई संस्थानों के माध्यम से यह बदलाव तेजी से लागू किया जाएगा, जिससे युवाओं को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और उद्योगों को कुशल प्रतिभाएं मिलेंगी।

405 प्रशिक्षण केंद्रों से 1.08 लाख कारीगरों को मिला लाभ

पारंपरिक कारीगरों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.08 लाख कारीगरों को 405 प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही, 450 उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम और 145 उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे नए व्यवसायों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिला।

कौशल विकास में उत्तर प्रदेश को स्किल हब बनाने की तैयारी!

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बैठक के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश जल्द ही भारत का कौशल विकास केंद्र बनेगा। उन्होंने उद्योग-समर्थित पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और AI-संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।

इस ऐतिहासिक बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक उद्योग की मांगों के अनुरूप कौशल विकास को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया। इस रणनीति से भारत के युवाओं को डिजिटल युग के लिए तैयार किया जाएगा और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा

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