दरवाज़ा तोड़कर मौत का तांडव”: आवारा कुत्तों के हमले में आधा दर्जन बकरों की मौत, अंजान शहीद गांव में दहशत का साया

दरवाज़ा तोड़कर मौत का तांडव”: आवारा कुत्तों के हमले में आधा दर्जन बकरों की मौत, अंजान शहीद गांव में दहशत का साया

रिपोर्ट: राजेश गुप्ता, अंजान शहीद (आजमगढ़)

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील अंतर्गत अंजान शहीद गांव में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को भय और असुरक्षा के माहौल में झोंक दिया।

गांव निवासी तालिब पेटी वाले के घर में उस समय हड़कंप मच गया, जब आवारा कुत्तों के झुंड ने बाउंड्री के भीतर बने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसकर बंधे हुए बकरों पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने बकरों को इस कदर नोचा कि आधा दर्जन बकरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सुबह जब पशु मालिक ने कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। कमरे में खून के छींटे और मृत बकरों के अवशेष पड़े थे, वहीं कुछ कुत्ते अंदर ही फंसे हुए मिले। इस हृदयविदारक दृश्य ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

पीड़ित तालिब के अनुसार, ये सभी बकरे आगामी ईद (बकरीद) के लिए विशेष रूप से पाले गए थे। इस घटना में उन्हें करीब 60 हजार रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे उनके परिवार पर संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गांव में आवारा कुत्तों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में इसरार अंसारी के भैंस के पाड़े पर भी कुत्तों ने हमला कर उसे अधमरा कर दिया था।

गांव के लोगों के अनुसार, कुत्तों का आतंक अब केवल पशुओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राहगीरों और बच्चों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। शाम होते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं और बच्चों का बाहर खेलना लगभग बंद हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है और किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

सवाल उठता है:
क्या प्रशासन इस बढ़ते खतरे को समय रहते रोक पाएगा, या ग्रामीणों को यूं ही दहशत के साये में जीने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा?

फिलहाल, अंजान शहीद गांव में खौफ का माहौल है और हर किसी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।