कक्षा 12वीं की छात्रा भव्या मिश्रा बनीं "एक दिन की एसडीएम" — आत्मविश्वास और नेतृत्व की मिसाल बनीं आज़मगढ़ की बेटी
- अधिकारियों ने किया गर्मजोशी से स्वागत, कहा – बेटियाँ भी कर सकती हैं देश का नेतृत्व
दिनांक : 16 अक्टूबर 2025
राजनारायण मिश्र, संवाददाता | महराजगंज, आज़मगढ़
आज़मगढ़ में गुरुवार का दिन बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक यादगार पहल बन गया। “एक दिन की डीएम” कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 12वीं की छात्रा भव्या मिश्रा ने आज़मगढ़ जिले की उपजिलाधिकारी का कार्यभार संभालकर यह साबित कर दिया कि बेटियाँ अगर अवसर पाएं, तो वे प्रशासन से लेकर नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

फूलों से हुआ स्वागत, भव्या ने संभाला एसडीएम का कार्यभार
सुबह मजिस्ट्रेट पहुंचने पर भव्या मिश्रा का स्वागत अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
वह पूरे आत्मविश्वास के साथ डीएम कार्यालय में दाखिल हुईं, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की। भव्या ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और खासतौर पर बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया।

“बेटियाँ अवसर पाएँ तो हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं” — भव्या मिश्रा
बैठक के दौरान भव्या ने कहा,
“बेटियाँ अगर शिक्षा के साथ आत्मविश्वास बनाए रखें, तो कोई भी मंज़िल उनके लिए दूर नहीं। हमें हर बालिका को यह विश्वास देना चाहिए कि वह भी बदलाव ला सकती है।”
भव्या ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर ज़रूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने महिला कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी कई योजनाओं की समीक्षा कर उनकी स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
प्रेरणादायक पहल – बालिकाओं के सशक्त भविष्य की ओर कदम
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी ने भव्या मिश्रा को प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
भव्या ने कहा कि यह दिन उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहेगा —

“एक दिन की डीएम बनकर मैंने प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से जाना। अब मेरा सपना है कि मैं सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करूं।”

भव्या बनीं नई प्रेरणा, आज़मगढ़ की बेटियों के लिए मिसाल
“एक दिन की एसडीएम” कार्यक्रम न केवल भव्या मिश्रा के लिए गौरव का क्षण बना, बल्कि आज़मगढ़ की हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती है। भव्या की मुस्कान और आत्मविश्वास ने यह संदेश दिया कि जब बेटियाँ आगे बढ़ती हैं, तो समाज और देश दोनों आगे बढ़ते हैं।






