सड़क सुरक्षा पर सख्त हुए CM भजनलाल शर्मा: अब ड्राइवरों की होंगी आंखों की जांच, बार-बार नियम तोड़ने पर तुरंत सस्पेंड होगा लाइसेंस

सड़क सुरक्षा पर सख्त हुए CM भजनलाल शर्मा: अब ड्राइवरों की होंगी आंखों की जांच, बार-बार नियम तोड़ने पर तुरंत सस्पेंड होगा लाइसेंस

जयपुर:
राजस्थान में लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसों ने सरकार को झकझोर कर रख दिया है। जोधपुर और जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में हुई दर्दनाक दुर्घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को राजधानी जयपुर में हाई-लेवल मीटिंग बुलाकर सख्त निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सड़क सुरक्षा पर कड़ी निगरानी और कड़ा अनुशासन ही राज्य में परिवहन व्यवस्था की नई पहचान होगा। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि ड्राइवरों की आंखों की जांच अनिवार्य की जाएगी, और जो भी चालक बार-बार ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करेगा, उसका लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा।

“मानव जीवन सर्वोपरि है” — CM शर्मा
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार की पहली प्राथमिकता नागरिकों की जान की सुरक्षा है। कोई भी लापरवाह चालक अब सड़क पर मौत का कारण नहीं बनेगा। सड़क सुरक्षा कानूनों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।”

जोधपुर हादसे पर शोक और सहायता राशि की घोषणा
सीएम भजनलाल शर्मा ने जोधपुर में हुए भयावह सड़क हादसे में मारे गए 15 लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाए।

सड़क हादसों पर अब जीरो टॉलरेंस नीति
सरकार ने तय किया है कि सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को रोकने के लिए नए सख्त कदम उठाए जाएंगे—

  • ड्राइवरों की नियमित मेडिकल और विजन (आंखों की) जांच होगी।

  • ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का डेटा ट्रैक किया जाएगा

  • बार-बार उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।

  • हाईवे और व्यस्त मार्गों पर CCTV निगरानी बढ़ाई जाएगी

  • स्कूल बसों और ट्रकों के लिए स्पीड लिमिट और फिटनेस चेक अनिवार्य होगा।

सड़क सुरक्षा के नए युग की शुरुआत
राज्य सरकार अब सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक नीति लाने जा रही है, जिसमें सड़क डिज़ाइन सुधार, ट्रैफिक अवेयरनेस प्रोग्राम और तकनीकी उपकरणों के प्रयोग पर विशेष जोर रहेगा। राजस्थान में हाल ही में बढ़ते हादसों ने जनमानस को चिंतित कर दिया था। मुख्यमंत्री की इस सख्त पहल को लोगों ने “सही दिशा में कदम” बताया है।