तेजस परमार ने संभाली सूरत जिला कलेक्टर की कमान: बोले— जनहित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगी प्राथमिकता

तेजस परमार ने संभाली सूरत जिला कलेक्टर की कमान: बोले— जनहित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगी प्राथमिकता

तेजी से विकसित हो रहे सूरत को नई प्रशासनिक दिशा देने पहुंचे युवा IAS अधिकारी

  • सूरत। गुजरात सरकार द्वारा हाल ही में किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत सूरत जिले को नया जिला कलेक्टर मिल गया है। युवा और ऊर्जावान आईएएस अधिकारी तेजस दिलीपभाई परमार ने औपचारिक रूप से सूरत जिला कलेक्टर का पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सूरत जैसे देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहर की जिम्मेदारी संभालते हुए तेजस परमार ने प्रशासनिक पारदर्शिता, जनसहभागिता और संवेदनशील कार्यशैली पर विशेष जोर दिया। उनके पदभार ग्रहण समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

  • सूरत देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला शहर

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में जिला कलेक्टर तेजस परमार ने कहा कि—

“सूरत देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला शहर है। यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होगी। साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन हमेशा सहयोगी और संवेदनशील भूमिका में कार्य करेगा।


  • तकनीकी शिक्षा से प्रशासनिक सेवा तक का प्रेरणादायक सफर

तेजस दिलीपभाई परमार मूल रूप से बनासकांठा जिले के पालनपुर के निवासी हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की पढ़ाई पूरी की और बाद में प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए। वे वर्ष 2019 बैच के IAS अधिकारी हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें एक कुशल और व्यवहारिक अधिकारी माना जाता है।


  • कई महत्वपूर्ण पदों पर दे चुके हैं सेवाएं

तेजस परमार का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक माना जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दाहोद में सहायक कलेक्टर एवं प्रशासनिक पद से की थी। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

उन्होंने—

  • दाहोद और अमरेली जिलों में जिला विकास अधिकारी (DDO) के रूप में कार्य किया,

  • गांधीनगर शहरी विकास विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी निभाई,

  • वडोदरा में प्रशासनिक इकाई के प्रबंध निदेशक के रूप में सेवाएं दीं,

  • तथा जूनागढ़ नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर भी कार्य किया।

उनकी कार्यशैली को लेकर प्रशासनिक हलकों में सकारात्मक छवि मानी जाती है।


  • सूरत को नई प्रशासनिक गति मिलने की उम्मीद

सूरत देश के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और डायमंड हब के रूप में जाना जाता है। लगातार बढ़ती आबादी और तेज शहरीकरण के बीच शहर को बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन की आवश्यकता रहती है। ऐसे में तेजस परमार जैसे युवा और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में शहर में विकास योजनाओं को और गति मिल सकती है तथा जन समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी।


  • जनता से संवाद और संवेदनशील प्रशासन पर रहेगा फोकस

सूत्रों के अनुसार नए कलेक्टर प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर विशेष ध्यान देंगे। उन्होंने संकेत दिए हैं कि जन शिकायतों के त्वरित समाधान, डिजिटल प्रशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही शहरी विकास, आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, यातायात और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी प्रशासन का विशेष फोकस रहेगा।

सूरत के नए जिला कलेक्टर के रूप में तेजस दिलीपभाई परमार का पदभार ग्रहण करना शहर के प्रशासनिक ढांचे के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। युवा ऊर्जा, तकनीकी समझ और प्रशासनिक अनुभव के साथ उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे सूरत के विकास को नई दिशा देंगे और आम जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।