सूरत ने रचा नया इतिहास: एक ही दिन में 20 अंगदान—देश में पहली बार चार ब्रेनड मरीजों के अंग एक साथ दान, दिलीपदादा देशमुख के जन्मदिन पर मानवता की अनोखी मिसाल
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार सिंह
सूरत।
अंगदान के क्षेत्र में सूरत ने वह कर दिखाया, जो पूरे देश में पहले कभी नहीं हुआ। एक ही दिन में, एक ही शहर में चार ब्रेनड मरीजों के 20 अंगों का सफलतापूर्वक अंगदान किया गया। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा जगत की असाधारण सफलता है, बल्कि मानवता की महानतम मिसाल भी है। यह ऐतिहासिक घटना अंगदान चैरिटेबल ट्रस्ट और अंगदान के अग्रदूत दिलीपदादा देशमुख के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि दिलीपदादा देशमुख के जन्मदिन के अवसर पर दर्ज हुई—उनके जन्मदिवस को मानव-सेवा का अनमोल दिवस बना दिया।
चार ब्रेनड मरीज, तीन अस्पताल—और 20 अंगों को मिला नया जीवन
सूरत शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों में यह महाअभियान संपन्न हुआ—
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नया सिविल अस्पताल, नाना वराछा में 1 ब्रेनड केस
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AAIHMS अस्पताल में 2 ब्रेनड केस
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किरण अस्पताल, कटारगांव में 1 ब्रेनड केस
इन चार ब्रेनड मरीजों के कुल 20 अंगों (हृदय, किडनी, लिवर, फेफड़े आदि) को जरूरतमंद मरीजों में प्रतिरोपित किया गया। कई गंभीर मरीजों को इस ऐतिहासिक अंगदान से नई जिंदगी मिली। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एक ही शहर में एक ही दिन चार सफल अंगदान होना देश में पहली बार हुआ है। इससे अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और मजबूत व्यवस्था का प्रमाण मिलता है।
अंगदान के अग्रदूत दिलीपदादा देशमुख—जिनके जन्मदिन पर हुआ जीवनदान महोत्सव
दिलीपदादा देशमुख, जो अंगदान जागरूकता के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं, वर्षों से लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करते आए हैं। उनके जन्मदिवस पर यह अनोखी उपलब्धि दर्ज होना संयोग नहीं, बल्कि उनके सतत अभियान का परिणाम है। उसी अवसर पर, नए सिविल अस्पताल में तीन सफाई बहनों को कम्बल भेंट कर उनके जन्मदिन को सेवा पर्व के रूप में मनाया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से अंगदान का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया— “मरणोपरांत अंगदान—किसी और के जीवन की नई शुरुआत।”
सूरत—अंगदान की राजधानी बनने की ओर
अस्पतालों, ट्रस्टों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों ने सूरत को अंगदान के क्षेत्र में देशभर का नेतृत्वकर्ता बना दिया है। इस ऐतिहासिक दिन ने साबित किया— सूरत सिर्फ विकास की राजधानी नहीं, मानवता की भी राजधानी है।
मानव जीवन को नई दिशा देने वाली मिसाल
एक ही दिन में 20 अंगदान न सिर्फ चिकित्सकीय कौशल का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी संदेश देते हैं कि— मृत्यु अंत नहीं… किसी और के लिए नई शुरुआत बन सकती है। दिलीपदादा देशमुख और अंगदान चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम ने अंगदान का ऐसा उजाला फैलाया है, जो आने वाले वर्षों में कई जीवनों को रोशन करता रहेगा।






