गुजरात की “स्मार्ट ब्लू क्रांति” का बिगुल: वीजीआरसी सौराष्ट्र–कच्छ में होगा समुद्री विकास का महाआयोजन—एआई, 5जी और स्थिरता से जुड़े नए मछली बंदरगाह गुजरात को बनाएंगे वैश्विक समुद्री हब
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार सिंह
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल सम्मेलन (VGRC) का आगामी सौराष्ट्र–कच्छ संस्करण गुजरात की समुद्री अर्थव्यवस्था में एक नया युग शुरू करने जा रहा है। यह सम्मेलन राज्य की ‘ब्लू इकॉनमी’ को तकनीकी उत्कृष्टता, स्थिरता और सामाजिक समावेश के साथ वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान देने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
नई पीढ़ी के फिशिंग पोर्ट—AI, 5G और हाई-टेक औद्योगिक इकोसिस्टम का संगम
गुजरात सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘नेक्स्ट-जनरेशन फिशिंग हार्बर मॉडल’ पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5जी संचार तकनीक, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और स्थायी ऊर्जा पर आधारित होगा। इन आधुनिक बंदरगाहों का उद्देश्य है—
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समुद्री उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि
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गहरे समुद्र में सुरक्षित व स्मार्ट मछली पकड़ने की तकनीक
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निर्यात-उन्मुख मूल्य श्रृंखला को प्रोत्साहन
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तटीय समुदायों की आय और जीवनस्तर में सुधार
इस मॉडल के माध्यम से गुजरात एशिया के प्रमुख ग्लोबल मरीन इकोनॉमिक हब के रूप में उभरने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
“स्मार्ट ब्लू हार्बर मॉडल”—तकनीक, नवाचार और सामाजिक समावेश का अनूठा मेल
VGRC के दौरान गुजरात की "स्मार्ट ब्लू हार्बर" अवधारणा प्रमुख आकर्षण होगी। इस मॉडल का लक्ष्य है—
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समुद्री संसाधनों का सतत दोहन
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आधुनिक कोल्ड चेन और स्मार्ट वेयरहाउसिंग
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स्थानीय मछुआरों को तकनीकी प्रशिक्षण
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डिजिटल फिशरी मैनेजमेंट
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बंदरगाहों की स्वचालित संचालन प्रणाली
इन तटीय क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर से समुद्री अर्थव्यवस्था में बड़े स्तर पर रोजगार और निवेश के अवसर उत्पन्न होंगे।
ब्लू रेवोल्यूशन की दिशा में बड़ा कदम—जाखौ पोर्ट का आधुनिकीकरण
ब्लू रेवोल्यूशन पहल के तहत जाखौ बंदरगाह का आधुनिकीकरण राज्य की समुद्री दक्षता को कई गुना बढ़ाने वाला है।
अपग्रेडेशन के मुख्य लाभ होंगे—
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बड़े कार्गो जहाज़ों की सहज आवाजाही
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मजबूत लॉजिस्टिक सप्लाई चेन
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मछली उत्पादों के तेज़ निर्यात की सुविधा
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आपदा प्रबंधन और समुद्री सुरक्षा में मजबूती
यह मॉडल अन्य भारतीय तटीय राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
VGRC 2026—समुद्री टेक्नोलॉजी और नवाचार का भव्य मंच
वीजीआरसी का दूसरा संस्करण जनवरी 2026 में राजकोट में आयोजित होगा, जहां देश-विदेश के शीर्ष समुद्री विशेषज्ञ, टेक्नोलॉजी कंपनियां, निवेशक और नीति-निर्माता एक साथ मिलकर भविष्य की “मरीन विज़न 2047” पर चर्चा करेंगे। गुजरात की यह पहल निर्णायक संदेश देती है— “समुद्री अर्थव्यवस्था अब भविष्य का इंजन है… और गुजरात उसका नेतृत्व कर रहा है।”






