भैरवधाम में उमड़ा आस्था का सागर: देव दीपावली पर हजारों दीपों से जगमगाया सरयू तट, गूंज उठा वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से

भैरवधाम में उमड़ा आस्था का सागर: देव दीपावली पर हजारों दीपों से जगमगाया सरयू तट, गूंज उठा वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से

अजय मिश्र, महराजगंज (आजमगढ़)

“जहां श्रद्धा की लौ जलती है, वहां अंधकार टिक नहीं सकता।”
देव दीपावली की पावन संध्या पर महराजगंज नगर पंचायत स्थित भैरवधाम में कुछ ऐसा ही अद्भुत दृश्य देखने को मिला—जहां आस्था, भक्ति और रोशनी का अद्भुत संगम एक साथ झिलमिलाता नज़र आया। सरयू तट पर सैकड़ों नहीं, बल्कि हजारों दीपों की सुनहरी कतारों ने जैसे रात के अंधेरे को परास्त कर दिया। पूरा वातावरण “हर हर गंगे” और “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।


 श्रद्धा का सैलाब और अद्भुत दृश्य

देव दीपावली के अवसर पर सुबह से ही भैरवधाम परिसर में श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया था। मंदिर के चारों ओर सुगंधित फूलों, रंगोली और सजावटी दीपों से सुसज्जित दृश्य मन को मोह लेने वाला था। सरयू तट पर नगर पंचायत की ओर से की गई विशेष सजावट और प्रकाश व्यवस्था ने मानो स्वर्गीय आभा बिखेर दी थी।

सामाजिक संगठनों, भक्त मंडलियों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने पूरे दिन दीप प्रज्जवलन की तैयारियों में हिस्सा लिया। जैसे ही शाम ने दस्तक दी, पूरा भैरवधाम क्षेत्र दीपों के समुंदर में तब्दील हो गया। सरयू के तट से लेकर मंदिर परिसर तक जले हजारों दीपों की रौशनी झिलमिलाती सरयू की लहरों पर पड़कर ऐसा अद्भुत नज़ारा पेश कर रही थी कि देखने वाला मंत्रमुग्ध रह जाए।


आरती, दीपदान और भक्ति रस में डूबे भक्त

सायंकाल जैसे ही सरयू आरती का समय हुआ, पूरा माहौल भक्ति और उल्लास के स्वरूप में बदल गया। सैकड़ों पुजारियों के साथ हजारों श्रद्धालु घंटों और शंखों की गूंज में शामिल हुए। मां सरयू की आरती के दौरान जब दीपों की लौ सरयू की लहरों पर तैरने लगी, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं गंगा मैया ने आकर अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया हो।

भक्तों ने दीप प्रवाहित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, समाज की शांति और राष्ट्र के कल्याण की कामना की। मंदिर प्रांगण में भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुति ने इस आध्यात्मिक शाम को और भी रंगीन और भावपूर्ण बना दिया। “ओम नमः शिवाय”, “गंगे मां तू क्यारी प्यारी” जैसे भजन गूंजते रहे और वातावरण में भक्ति का कंपन व्याप्त रहा। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। पुलिस बल और स्वयंसेवक दल ने पूरे आयोजन को व्यवस्थित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष पार्किंग, लाइटिंग और पेयजल व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं ने बिना किसी अव्यवस्था के इस पावन अवसर का आनंद उठाया।


आस्था का उजाला, जो पीढ़ियों तक जलता रहेगा

देव दीपावली का यह आयोजन केवल दीपों का उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, एकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बन गया। भैरवधाम में जलते इन दीपों ने यह संदेश दिया कि “जब श्रद्धा प्रज्वलित होती है, तब हर दिशा आलोकित हो उठती है।”

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर वर्ष यहां की देव दीपावली भैरवधाम की पहचान बन चुकी है। इस वर्ष की भव्यता और श्रद्धा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महराजगंज स्थित यह पवित्र धाम न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

भैरवधाम का यह उजाला अब केवल दीपों में नहीं, बल्कि हर उस हृदय में जल रहा है, जिसने इस दिव्य नजारे को अपनी आंखों से देखा।