बिहार में इतिहास रचता लोकतंत्र! 122 विधानसभा सीटों पर 67.14% मतदान, अब तक की सबसे ज्यादा वोटिंग
किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया में जोश चरम पर — लोकतंत्र के पर्व में उमड़ा जनसैलाब
पटना।
लोकतंत्र के महापर्व में आज बिहार ने नया इतिहास रच दिया। सोमवार को राज्य की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न हुआ, और शाम 5 बजे तक 67.14 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया — जो बिहार के चुनावी इतिहास का अब तक का सबसे ऊँचा वोटिंग रिकॉर्ड है।
भीषण धूप और लंबे कतारों के बावजूद मतदाताओं में उत्साह का ऐसा आलम दिखा, मानो पूरा बिहार लोकतंत्र के रंग में रंग गया हो।
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी केंद्रों तक दिखा जोश
बिहार के सभी जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में मतदान को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर लोग सुबह 6 बजे से ही बूथों पर लाइन में खड़े नजर आए। ग्रामीण इलाकों में जहां महिलाएं अपनी पारंपरिक वेशभूषा में वोट देने पहुंचीं, वहीं युवाओं ने सोशल मीडिया पर “#VoteForBihar” और “#DemocracyFestival” जैसे हैशटैग से अभियान चलाया।
किशनगंज ने रचा नया रिकॉर्ड, कटिहार और पूर्णिया भी पीछे नहीं
राज्य में सबसे अधिक मतदान किशनगंज जिले में 76.26% दर्ज किया गया, जो अब तक का सर्वाधिक रहा। वहीं कटिहार में 75.23% और पूर्णिया में 73.79% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुपौल में 70.69% मतदान दर्ज हुआ, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बिहार का हर कोना लोकतंत्र के उत्सव में सहभागी बना।
“जनता का यह उत्साह लोकतंत्र की जीत है” — चुनाव आयोग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी रही। उन्होंने कहा कि “बिहार के मतदाताओं ने जिस जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ मतदान किया, वह लोकतंत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।” कई बूथों पर विशेष रूप से महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा हेतु व्यवस्थाएं की गई थीं, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं का उत्साह काबिल-ए-तारीफ
कई स्थानों पर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने लोकतंत्र में अपनी भागीदारी को गर्व का क्षण बताया। पटना के एक कॉलेज छात्र ने कहा, “आज लगा कि हम सचमुच बदलाव की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। यह वोट सिर्फ एक बटन नहीं, हमारे भविष्य की दिशा तय करता है।”
बिहार ने दिया लोकतंत्र को नया अध्याय
इतिहास में पहली बार बिहार ने इतना उच्च मतदान प्रतिशत दर्ज किया है। यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि इस बात का प्रतीक है कि जनता अब अपने अधिकारों को लेकर पहले से ज्यादा सजग और जागरूक है। आज का यह मतदान बिहार की नई दिशा, नए नेतृत्व और नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है।






