“मैं हेयर स्टाइलिस्ट नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा नाई हूं” — जावेद हबीब का बड़हलगंज से आत्मविश्वास भरा संदेश

“मैं हेयर स्टाइलिस्ट नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा नाई हूं” — जावेद हबीब का बड़हलगंज से आत्मविश्वास भरा संदेश
  • भव्य शुरुआत: छोटे शहर में बड़े सपनों का सैलून, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा,चंद्रप्रकाश मौर्य, गोरखपुर, .प्र.

बड़हलगंज, गोरखपुर।
पटना चौराहे के समीप सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को उस वक्त इतिहास सा दृश्य देखने को मिला, जब देश के प्रसिद्ध हेयर एक्सपर्ट Javed Habib ने “एच द जावेद हबीब सैलून” का भव्य उद्घाटन किया। यह केवल एक सैलून का शुभारम्भ नहीं, बल्कि छोटे शहरों में आधुनिकता, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के नए युग का आगाज़ साबित हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों की भारी उपस्थिति ने इसे एक जन-उत्सव का रूप दे दिया। स्वागत के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश उमर ने कहा कि बड़हलगंज में इस स्तर का सैलून खुलना क्षेत्र के लिए गर्व और अवसर दोनों है।


“काम छोटा नहीं होता, सोच छोटी होती है” — जावेद हबीब

उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में जावेद हबीब ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा— “मुझे हेयर स्टाइलिस्ट नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा नाई कहो।” उनका यह बयान न केवल विनम्रता का प्रतीक था, बल्कि समाज को एक गहरा संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि—
“जो काम हमें रोटी देता है, वह कभी छोटा नहीं हो सकता। नाई का काम जन्म से लेकर मृत्यु तक इंसान के साथ जुड़ा रहता है, इसलिए यह सबसे सम्मानजनक पेशों में से एक है।” उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि— “जो करो दिल से करो, ईमानदारी से करो, अपने काम से प्रेम करो—फिर सफलता तुम्हें खुद ढूंढेगी।”


280 शहरों से लेकर 900+ आउटलेट तक का सफर

जावेद हबीब ने बताया कि आज उनके सैलून और हेयर एकेडमी देश के 280 शहरों में फैले हैं और विश्वभर में 900 से अधिक आउटलेट्स संचालित हो रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन के तीन सबसे बड़े प्यार— देश, काम और परिवार—को सफलता का मूल मंत्र बताया। उनका कहना था कि सफलता के लिए जरूरी है कि व्यक्ति हमेशा खुश रहे, दूसरों को खुश रखे, स्वस्थ रहे और अपने अंदर काम के प्रति जुनून बनाए रखे।


अपने हाथों से किया हेयर कट, दिए खास टिप्स

कार्यक्रम के दौरान जावेद हबीब ने चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर सहित कई लोगों के बाल अपने हाथों से काटकर लोगों को चौंका दिया। साथ ही उन्होंने बालों की देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए, जिससे उपस्थित लोग खासा प्रभावित हुए।


मुक्तिपथ का अवलोकन: “यह कल्पना से परे है”

उद्घाटन के बाद जावेद हबीब ने बड़हलगंज के प्रसिद्ध “मुक्तिपथ” का भी अवलोकन किया। वहां की व्यवस्था देखकर उन्होंने कहा— “यह मेरी कल्पना से परे है। इतने व्यवस्थित अंतिम स्थल के बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था। यह वास्तव में विश्वबंधुत्व की सच्ची मिसाल है।” उन्होंने वादा किया कि भविष्य में जब भी वे यहां आएंगे, मुक्तिपथ का पुनः अवलोकन अवश्य करेंगे।


रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र

इस सैलून के माध्यम से न केवल आधुनिक ग्रूमिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर भी सृजित होंगे। फ्रेंचाइजी प्रबंधक प्रशांत सिंह, विजय कुमार सोनकर, अरविंद शर्मा सहित पूरी टीम ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।


बड़हलगंज बना नई सोच और स्टाइल का केंद्र

“एच द जावेद हबीब सैलून” का यह उद्घाटन सिर्फ एक व्यावसायिक शुरुआत नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश है। अब बड़हलगंज भी आधुनिक स्टाइल, आत्मविश्वास और नए अवसरों की पहचान बनता जा रहा है—जहां हर युवा अपने सपनों को नई उड़ान दे सकता है।