किसान–मजदूर एकता का शंखनाद: कुशीनगर में किसान महापंचायत की तैयारी तेज, धनटोली में जुटे सैकड़ों किसान
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, चंद्रप्रकाश मौर्य
कुशीनगर।
किसानों के हक, सम्मान और अधिकार की लड़ाई को नई धार देने के उद्देश्य से भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के तत्वावधान में आयोजित होने वाली चार दिवसीय किसान महापंचायत (19, 20, 21 एवं 22 तारीख) को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कुशीनगर जनपद के पडरौना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम धनटोली में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें किसान, मजदूर और महिला शक्ति की व्यापक भागीदारी देखने को मिली।
किसान महापंचायत को लेकर गांव-गांव जागरूकता
बैठक की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के पूर्वांचल प्रभारी माननीय दिलीप किसान ने की। उन्होंने कहा कि आने वाली किसान महापंचायत केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों और मजदूरों के हक की निर्णायक लड़ाई का मंच होगी।उन्होंने आह्वान किया कि कुशीनगर से अधिक से अधिक संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएं प्रयागराज में होने वाली महापंचायत में पहुंचकर अपनी आवाज को मजबूती दें।
किसानों की पीड़ा, समस्याएं और समाधान का आश्वासन
बैठक के दौरान दिलीप किसान ने किसानों और मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। किसानों ने खुलकर आवास योजना, वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन, खाद–बीज की उपलब्धता, महंगाई और रोजगार जैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाया। इन समस्याओं पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप किसान ने कहा—
“किसान और मजदूर आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संगठन नई रणनीति के साथ इन मुद्दों को शासन–प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाएगा और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि महापंचायत के माध्यम से इन सभी समस्याओं को एकजुट होकर प्रमुखता से उठाया जाएगा।
महिला शक्ति की मजबूत उपस्थिति
बैठक में महिला सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कुशीनगर जिला उपाध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) कलावती निषाद के नेतृत्व में जिला उपाध्यक्ष मोनु कश्यप ने महिलाओं से अपील की कि वे इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, क्योंकि किसान आंदोलन की असली ताकत गांव की नारी शक्ति है। बैठक में दुलारी, रीना, रंभा देवी, कुसुम, रंजू देवी, नीतू देवी, सुमन देवी, सुनैना देवी, मंजू देवी, बिंद्रावती देवी, लीलावती देवी, सुनीता देवी, कांति, सीमा देवी, शारदा, सुगाती, उषा, पार्वती, रीमा, धर्मावती, आशा देवी, ममता देवी, कौशल्या, धुरवाती, शिव कुमारी, रिंकी, रश्मि, प्रभावती, सुशीला, फूलमती सहित दर्जनों महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति ने बैठक को नई ऊर्जा दी।
एकता के संकल्प के साथ समापन
बैठक का समापन किसान एकता, संघर्ष और अधिकार के संकल्प के साथ किया गया। उपस्थित किसानों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में किसान महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्णय लिया।धनटोली की यह बैठक साफ संकेत देती है कि कुशीनगर में किसान आंदोलन एक बार फिर संगठित रूप में आगे बढ़ रहा है। अब निगाहें आने वाले दिनों में होने वाली किसान महापंचायत पर टिकी हैं, जहां किसानों की आवाज एकजुट होकर शासन–प्रशासन तक पहुंचेगी।






