प्रतापगढ़ में हत्या के बाद 40 घंटे से नहीं उठा शव, थानेदार के निलंबन से बुलडोजर एक्शन तक की मांग
- आपूर्ति विभाग के संविदा कर्मी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा की हत्या के बाद गांव में तनाव; भारी पुलिस बल तैनात, परिवार आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा
आर.वी.9 न्यूज़ | प्रतापगढ़ || उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आपूर्ति विभाग के संविदा कर्मी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। वारदात को करीब 40 घंटे बीत जाने के बावजूद परिवार ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर के लोगों की मौजूदगी में परिवार को समझाने-बुझाने का प्रयास लगातार जारी है।

शव को लेकर गांव में बढ़ा तनाव
हत्या की घटना के बाद से ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों की ओर से मामले में थानेदार के निलंबन, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन जैसी मांगें उठाई जा रही हैं। परिवार का कहना है कि हत्या के मामले में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों और कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार कर रहे बातचीत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिवार एवं ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से परिजनों को समझाने और अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, पुलिस की ओर से गांव में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
नेताओं की मौजूदगी से बढ़ी हलचल
मामले में राजनीतिक एवं सामाजिक नेताओं की सक्रियता भी देखने को मिल रही है। नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों की ओर से परिवार से मुलाकात कर उनकी मांगों को समझने और प्रशासन के समक्ष रखने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार की मांगों और प्रशासन की कार्रवाई के बीच सहमति बनाने के लिए बातचीत का दौर जारी है। हालांकि, अभी तक अंतिम संस्कार को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
आपूर्ति विभाग से जुड़ा था मृतक
बताया जा रहा है कि मृतक सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा आपूर्ति विभाग में संविदा कर्मी के रूप में कार्यरत था। उसकी हत्या के बाद परिवार और परिचितों में गहरा आक्रोश है।
मृतक की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन न्याय की मांग को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लग सके।
अब निगाह प्रशासन के अगले कदम पर
करीब 40 घंटे से शव का अंतिम संस्कार नहीं होने के कारण प्रशासन के सामने भी स्थिति को सामान्य करने की चुनौती बनी हुई है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। अब सभी की निगाह इस बात पर टिकी है कि प्रशासन परिवार की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और हत्या के मामले में आगे किस स्तर की कार्रवाई होती है। फिलहाल परिजनों की मांग, पुलिस-प्रशासन की बातचीत और गांव में तैनात भारी पुलिस बल के बीच स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना और परिवार को अंतिम संस्कार के लिए सहमत करना है, वहीं परिजन अपनी मांगों पर ठोस आश्वासन चाहते हैं।







