महंगी होती चिकित्सा पर बड़ी बैठक: बीमा प्रीमियम की बढ़ती मार रोकने के लिए अस्पतालों व बीमा कंपनियों को मिलकर काम करने की सलाह
नई दिल्ली, देश में लगातार बढ़ती चिकित्सा लागत और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर लगाम लगाने के उद्देश्य से वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव श्री एम. नागराजू की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में देश के प्रमुख अस्पताल समूहों—अपोलो हॉस्पिटल्स, फोर्टिस, मैक्स हेल्थकेयर और एएचपीआई—के प्रतिनिधियों के साथ-साथ न्यू इंडिया एश्योरेंस, स्टार हेल्थ, बजाज आलियांज और कई अन्य बीमा कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सचिव ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती और सभी के लिए सुलभ बनाने का समय अब टल नहीं सकता। उन्होंने अस्पतालों और बीमा कंपनियों दोनों से अपील की कि वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा एक्सचेंज (National Health Claim Exchange) में अपने पंजीकरण को तेज करें, उपचार प्रोटोकॉल का मानकीकरण अपनाएं और कैशलेस सेवाओं को और अधिक सरल एवं निर्बाध बनाएं।
कैशलेस इलाज में बाधा खत्म करने पर जोर
सचिव नागराजू ने कहा कि यदि सभी बीमा कंपनियां अस्पतालों के पैनल निर्माण की प्रक्रिया और मानदंडों को एक समान कर दें, तो पॉलिसीधारकों को बिना किसी परेशानी के लगातार कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि इससे —
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अस्पतालों पर प्रशासनिक बोझ घटेगा,
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दावों की प्रोसेसिंग तेज होगी,
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उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी,
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और बीमा व्यवस्था अधिक पारदर्शी व भरोसेमंद बनेगी।
उन्होंने बीमा कंपनियों को यह सख्त निर्देश दिया कि दावे अनुमोदन और निपटान में अनावश्यक देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगी।
“लागत नियंत्रण जरूरी, सहयोग ही समाधान”
सचिव ने माना कि चिकित्सा महंगी होने के कई कारण हैं, लेकिन इसके बावजूद आम नागरिक को बेहतर मूल्य प्रदान करना अस्पतालों और बीमा कंपनियों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि
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उपचार प्रक्रियाओं का मानकीकरण
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लागत में पारदर्शिता
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और अस्पताल–बीमा कंपनियों के बीच सहज संवाद
स्वास्थ्य बीमा के भविष्य को मजबूत करेंगे और देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को एक नई दिशा देंगे।
बैठक में शामिल हुए देश के प्रमुख स्वास्थ्य एवं बीमा नेता
बैठक में कई दिग्गज अधिकारियों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए। इनमें प्रमुख थे—
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श्री इंद्रजीत सिंह, महासचिव, जनरल इंश्योरेंस काउंसिल
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डॉ. सुनीता रेड्डी, एमडी, अपोलो हॉस्पिटल्स
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श्री शिवकुमार पट्टाभिरामन, एमडी, इंद्रप्रस्थ अपोलो
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श्री अभय सोई, सीएमडी, मैक्स हेल्थकेयर
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डॉ. गिरधर जे. ज्ञानी, महानिदेशक, एएचपीआई
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श्री कृष्णन रामचंद्रन, सीईओ, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस
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श्री अमिताभ जैन, ईडी एवं सीओओ, स्टार हेल्थ
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श्रीमती मीरा पार्थसारथी, महाप्रबंधक, ओरिएंटल इंश्योरेंस
सभी नेताओं ने सहमति जताई कि आने वाले समय में डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और रोगी-हित पर आधारित नीतियां देश के स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र को नई दिशा देंगी।






