समुद्री खाद्य निर्यातकों की बड़ी बैठक: भारत ने तय की वैश्विक बाज़ार में नई छलांग की रणनीति

समुद्री खाद्य निर्यातकों की बड़ी बैठक: भारत ने तय की वैश्विक बाज़ार में नई छलांग की रणनीति

नई दिल्ली,  — भारत के समुद्री खाद्य निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आज नई दिल्ली के अंबेडकर भवन में समुद्री खाद्य निर्यातक सम्मेलन 2025 आयोजित हुआ। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने की।

बैठक में वाणिज्य विभाग, MPEDA, EIC, नाबार्ड, विभिन्न राज्य सरकारों के मत्स्य विभाग, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। सभी का फोकस था—भारत के समुद्री उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाना और निर्यात में मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ावा देना।


केंद्रीय मंत्री का विज़न

श्री सिंह ने साफ कहा—

“मूल्य संवर्धन और राज्य-विशिष्ट प्रजातियों की पहचान, भारत के समुद्री खाद्य निर्यात को नई दिशा देने की कुंजी है।”

उन्होंने बताया कि सरकार वन-स्टॉप मार्केट कनेक्ट प्लेटफ़ॉर्म, गहरे समुद्र में मत्स्य पालन, और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए इस सेक्टर को मजबूत कर रही है। MPEDA को निर्देश दिया गया कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर State-wise Species Mapping करे और नए निर्यात अवसरों की पहचान करे।


वैश्विक बाज़ार में नई रणनीति

  • अमेरिका में टैरिफ चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय सरकारी कदम

  • यूरोपीय संघ और अन्य उच्च-मूल्य बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रमाणन प्रणाली मजबूत करना

  • दक्षिण कोरिया, मध्य पूर्व, ओमान, ब्रिटेन, रूस जैसे उभरते बाजारों पर विशेष फोकस

  • "Vocal for Local" दृष्टिकोण के तहत घरेलू बाजार को भी सशक्त करना


आंकड़े बताते हैं उछाल की कहानी

  • 195 लाख टन – भारत का 2024-25 का कुल मछली उत्पादन (2013-14 से 104% अधिक)

  • 17.81 लाख MT – 2023-24 का समुद्री खाद्य निर्यात

  • ₹60,524 करोड़ / $7.38 अरब – निर्यात का कुल मूल्य

  • फ्रोजन झींगा – निर्यात का 40% वॉल्यूम और 66% वैल्यू


हितधारकों की राय

बैठक में कई चुनौतियों और समाधान पर चर्चा हुई—

  • चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अधिक प्रोत्साहन देने की ज़रूरत

  • अमेरिका में टैरिफ बाधाएं और यूरोपीय संघ में प्रमाणन की जटिलताएं

  • कोल्ड चेन व प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में कमी

  • सुझाव: मूल्य संवर्धन के लिए प्रोत्साहन, बड़े निर्यातकों को योजनाओं का लाभ, B2B संपर्क को बढ़ावा, बैंकों व NBFC से आसान वित्त उपलब्ध कराना


अगला कदम

केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि भारत का समुद्री खाद्य निर्यात न केवल मात्रा में, बल्कि वैल्यू के लिहाज से भी अगले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड तोड़ देगा। सरकार, उद्योग और किसानों की साझेदारी से यह सेक्टर वैश्विक मंच पर भारत का ब्रांड और भी मजबूत करेगा।