गोरखपुर में अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज: डीआईजी–एसएसपी की हाईलेवल समीक्षा, कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस का संदेश
- महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, संगठित अपराध और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष फोकस, सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश
आर.वी.9 न्यूज़ | ब्यूरो प्रमुख- एन. अंसारी
गोरखपुर। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं अपराधमुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपनी रणनीति को नई धार देना शुरू कर दिया है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, संवेदनशील मामलों में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया तथा जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के लिए शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चनप्पा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने संयुक्त रूप से की। बैठक में जनपद के सभी पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, थानाध्यक्ष, शाखा प्रभारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य का गहन विश्लेषण कर अपराध नियंत्रण की रणनीति को और प्रभावी बनाना था।
'अपराधियों के लिए कोई राहत नहीं'— डीआईजी का स्पष्ट संदेश
बैठक के दौरान डीआईजी एस. चनप्पा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में सक्रिय निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए, हिस्ट्रीशीटरों, वांछित अपराधियों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर निरंतर नजर रखी जाए तथा नियमित सत्यापन और चेकिंग अभियान चलाए जाएं। उन्होंने बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि पुलिस को समय पर सटीक सूचना मिलेगी तो कई घटनाओं को घटित होने से पहले ही रोका जा सकता है।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, हत्या, लूट, चोरी, रंगदारी एवं अन्य गंभीर अपराधों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित की शिकायत पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए तथा एफआईआर दर्ज करने से लेकर विवेचना और आरोपितों की गिरफ्तारी तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और विवेचनाओं की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
साइबर अपराध पर विशेष चिंता, तकनीकी कार्रवाई तेज करने के निर्देश
बैठक में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि साइबर हेल्पलाइन के प्रति आमजन को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, ताकि ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल फ्रॉड एवं साइबर अपराधों से लोग समय रहते बच सकें। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों पर तत्काल तकनीकी कार्रवाई कर पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाए।
महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि महिला अपराध, बाल संरक्षण तथा पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए भी बने कार्ययोजना
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यातायात अमित श्रीवास्तव को विशेष निर्देश दिए गए कि प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। अवैध पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जनता का विश्वास जीतने पर भी दिया गया जोर
डीआईजी एवं एसएसपी ने अधिकारियों से कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है। इसलिए प्रत्येक थाना स्तर पर जनसुनवाई को प्रभावी बनाया जाए तथा फरियादियों की शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि थानों पर आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए, ताकि पुलिस की सकारात्मक छवि और अधिक मजबूत हो सके।
वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा की अपराध नियंत्रण की रणनीति
बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटील, पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दिनेश पूरी, पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल तथा पुलिस अधीक्षक यातायात अमित श्रीवास्तव ने अपने-अपने क्षेत्रों की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण अभियानों, लंबित मामलों एवं भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। सभी अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए समन्वित कार्रवाई, सूचना तंत्र की मजबूती तथा आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया।
जवाबदेह और सक्रिय पुलिसिंग पर रहेगा विशेष जोर
बैठक के समापन पर डीआईजी एवं एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सभी दिशा-निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा उनके अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण अभियान को और अधिक तेज करें तथा प्रत्येक कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसी नियमित समीक्षा बैठकों से पुलिस बल की कार्यक्षमता, जवाबदेही और समन्वय में उल्लेखनीय सुधार होता है। आने वाले समय में गोरखपुर जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था की मजबूती और जनसुरक्षा को लेकर और अधिक प्रभावी एवं सख्त पुलिस कार्रवाई देखने को मिल सकती है।







