गोरखपुर में कराटे का दम, नन्हे खिलाड़ियों ने दिखाया आत्मविश्वास और अनुशासन का जज्बा
- मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन के आयोजन में विद्यार्थियों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक, बालक-बालिकाओं ने प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल कर बढ़ाया विद्यालय का गौरव
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, चंद्रप्रकाश मौर्य
गोरखपुर। हुनर को जब अनुशासन का साथ मिलता है, मेहनत को सही मार्गदर्शन मिलता है और प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तो सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। कुछ ऐसा ही उत्साह, उमंग और उपलब्धियों से भरा नजारा शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर में देखने को मिला, जब मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन गोरखपुर के तत्वावधान में आयोजित कराटे बेल्ट टेस्ट एवं सेलिब्रेशन कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण का शानदार प्रदर्शन किया।

गोरखनाथ (ईस्ट), राजेंद्र नगर स्थित ब्लॉसम एकेडमी पब्लिक स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में कराटे का अभ्यास करने वाले बालक-बालिकाओं ने अपनी तकनीकी दक्षता, अनुशासन और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह, बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प और अपनी उपलब्धियों को लेकर खुशी साफ झलक रही थी। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने आयोजन को विशेष बना दिया।

यह आयोजन केवल कराटे बेल्ट टेस्ट और स्थान प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में आत्मरक्षा की समझ विकसित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने और शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
आत्मरक्षा के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल
आज के दौर में बच्चों की शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रह गया है। पढ़ाई के साथ शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती, आत्मरक्षा की जानकारी और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में कराटे जैसे मार्शल आर्ट्स खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसी सोच को केंद्र में रखते हुए मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन गोरखपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। कराटे का अभ्यास बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने के साथ-साथ एकाग्रता, धैर्य, समयबद्धता और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे गुण विकसित करने में भी मदद करता है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें नियमित अभ्यास जारी रखने और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मोहम्मद इरफान के नेतृत्व में हुआ आयोजन
ब्लॉसम एकेडमी पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित कराटे बेल्ट टेस्ट एवं सेलिब्रेशन कार्यक्रम का नेतृत्व कराटे प्रशिक्षक मोहम्मद इरफान ने किया। मोहम्मद इरफान ब्लैक बेल्ट तृतीय डान हैं और कराटे प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को खेल की तकनीकों, अनुशासन तथा आत्मरक्षा के महत्व से परिचित करा रहे हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में सहायक कोच शरीफुल इस्लाम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। शरीफुल इस्लाम ब्लैक बेल्ट प्रथम डान हैं। दोनों प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपनी तैयारी और अभ्यास के आधार पर प्रदर्शन करने का अवसर मिला। ऐसे आयोजन प्रशिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन करने तथा बच्चों को अपनी कमजोरियों को पहचानकर उनमें सुधार करने के लिए प्रोत्साहित करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12:30 बजे तक चला। निर्धारित समय के दौरान विद्यालय परिसर में खेल के प्रति उत्साह और विद्यार्थियों की भागीदारी का माहौल बना रहा।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गुडविल पब्लिक वेलफेयर सोसाइटी के डॉ. राजी अहमद सिद्दीकी उपस्थित रहे। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में विद्यालय की निदेशक श्रीमती शिखा सिंह ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मेनका गंधा श्रीवास्तव की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सहभागिता ने विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मार्शल आर्ट्स एवं कराटे जगत से जुड़े कई प्रशिक्षक और गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। इनमें कराटे कोच एवं ब्लैक बेल्ट मोहम्मद अहसान, ब्लैक बेल्ट द्वितीय डान मोहम्मद इशाक, शितो-र्यू कराटे डो एकेडमी से जुड़े चंद्र प्रकाश मौर्य (ब्लैक बेल्ट द्वितीय डान), ऑल इंडिया आशिहारा कराटे ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े धर्मेंद्र कुमार (ब्लैक बेल्ट द्वितीय डान) तथा डेंटल हाइजीनिस्ट अफजल अहमद प्रमुख रूप से शामिल रहे। कराटे और मार्शल आर्ट्स से जुड़े अनुभवी लोगों की उपस्थिति ने विद्यार्थियों को अपने खेल के प्रति गंभीर रहने और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
विद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी ने बढ़ाया आयोजन का उत्साह
किसी भी शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यालय परिवार का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। ब्लॉसम एकेडमी पब्लिक स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही।


इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मेनका गंधा श्रीवास्तव, उप-प्रधानाचार्य श्री संतोष कुमार पांडेय तथा वरिष्ठ पीआरटी श्रीमती लक्ष्मी जायसवाल उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त विद्यालय परिवार से श्रीमती राधा साहा, श्री राजीव कुमार भट्ट, श्रीमती निधि श्रीवास्तव, श्रीमती श्वेता सिंघल, श्रीमती पूनम पटेल, श्रीमती रीना बनर्जी, श्रीमती रत्ना सिंह, श्री अंकित कुमार राय, सुश्री गुंजन बुधवानी, सुश्री महरोज सदफ, सुश्री स्वाति पांडेय, सुश्री हर्षिता सिंह, सुश्री स्नेहा मिश्रा, श्री आशीष निषाद (कंप्यूटर शिक्षक), श्रीमती नीलम सिंह, सुश्री शेजल गुप्ता एवं श्रीमती प्रगति की उपस्थिति दर्ज की गई। शिक्षकों और प्रशिक्षकों की सहभागिता ने इस संदेश को मजबूती दी कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा के साथ खेल, अनुशासन और व्यावहारिक जीवन कौशल को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
बालिका वर्ग में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा, छह छात्राओं ने हासिल किया प्रथम स्थान
कार्यक्रम में बालिका वर्ग की प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी क्षमता का परिचय दिया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छह छात्राओं की उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्राएं:
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अनुष्का
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अद्विका श्रीवास्तव
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आध्या राजनंदिनी
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अन्वी शर्मा
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अन्नाया श्रीवास्तव
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वान्या वर्मा
वहीं, बालिका वर्ग में वैष्णवी कुशवाहा और अद्रिजा वर्मा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि उचित प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर बेटियां भी खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकती हैं। कराटे का प्रशिक्षण छात्राओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि इससे उन्हें आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों को समझने, परिस्थितियों के प्रति सजग रहने और स्वयं पर विश्वास बनाए रखने में मदद मिलती है।
बालक वर्ग में भी दिखा जोश, 12 विद्यार्थियों ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
बालक वर्ग के विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या ने आयोजन को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया।
बालक वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र:
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अभय त्रिपाठी
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शिवांश के. गोंड
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कृष्णम सोनकर
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बृजेन्द्र रतन
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अनुज नागवंशी
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अर्णव त्रिपाठी
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आदित्य चौरसिया
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आकर्ष वात्सल
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स्वराज पांडेय
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सूर्यांश
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अद्विक पांडेय
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त्रिशय प्रताप मिश्रा
वहीं, बालक वर्ग में अंजनेय के. गुप्ता और प्रांजल पराशर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इन विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रत्येक प्रतिभागी के लिए यह अवसर अपनी तैयारी, अभ्यास और सीखी गई तकनीकों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बना। खेल प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करना बच्चों के लिए खुशी का विषय होता है, लेकिन इसके साथ नियमित अभ्यास, अनुशासन और अपनी कमियों को दूर करने का अनुभव भी उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाता है।
कराटे: केवल खेल नहीं, अनुशासन और आत्मरक्षा की महत्वपूर्ण कला
कराटे को सामान्यतः एक मार्शल आर्ट्स खेल के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसका महत्व शारीरिक अभ्यास से कहीं आगे तक जाता है। सही प्रशिक्षण और जिम्मेदार मार्गदर्शन के साथ यह बच्चों को अपने शरीर पर नियंत्रण रखने, निर्देशों का पालन करने, एकाग्रता बढ़ाने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की सीख देता है। कराटे बेल्ट टेस्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों के अभ्यास और कौशल में हुई प्रगति का आकलन करना भी होता है। वहीं, ऐसे आयोजनों में प्रतिभागियों को अपनी तैयारी दिखाने, अन्य विद्यार्थियों से सीखने और भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का अवसर मिलता है। मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन गोरखपुर के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम भी विद्यार्थियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने और उनके भीतर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों की उपस्थिति ने बच्चों को यह समझने का अवसर दिया कि खेल में सफलता केवल पुरस्कार या स्थान प्राप्त करने से नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, मेहनत, धैर्य और अनुशासन से भी मापी जाती है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहा विशेष जोर
आज जब बच्चों का अधिकांश समय पढ़ाई, मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों के बीच गुजरता है, तब शारीरिक गतिविधियों और खेलों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। नियमित खेल अभ्यास बच्चों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है। कराटे जैसी गतिविधियां बच्चों में शारीरिक समन्वय, संतुलन, एकाग्रता और आत्मविश्वास विकसित करने में सहायक होती हैं। साथ ही, प्रशिक्षकों के निर्देशन में अभ्यास करने से बच्चों को नियमों का सम्मान करने, दूसरों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार रखने और खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने की सीख मिलती है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मरक्षा की भावना, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना रहा। उपस्थित अतिथियों और प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नियमित अभ्यास जारी रखने तथा अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने की प्रेरणा दी।
प्रतिभा को अवसर मिले, तो निखरता है भविष्य
किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने तथा उसे विकसित करने के पर्याप्त अवसर मिलें। शिक्षा के साथ खेलों को प्रोत्साहन देना इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है। ब्लॉसम एकेडमी पब्लिक स्कूल में आयोजित कराटे बेल्ट टेस्ट एवं सेलिब्रेशन कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने का अवसर दिया। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने उनके परिश्रम और प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी यह संदेश लेकर आते हैं कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में खेलकूद की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कराटे की सीख से मजबूत होगा आत्मविश्वास, अनुशासन से संवरेगा भविष्य
गोरखपुर में आयोजित मार्शल आर्ट्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन के इस कार्यक्रम ने खेल, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के बीच मजबूत संबंध को रेखांकित किया। विद्यार्थियों की उपलब्धियों, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, अतिथियों की उपस्थिति और विद्यालय परिवार के सहयोग ने आयोजन को यादगार बनाया। बालक एवं बालिका वर्ग में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं, कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि बच्चों को कम उम्र से ही आत्मरक्षा, अनुशासन और नियमित शारीरिक अभ्यास के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
निश्चित रूप से, ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने, चुनौतियों का सामना करने और भविष्य में नए लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देते हैं। यदि बच्चों को निरंतर प्रोत्साहन, उचित प्रशिक्षण और सकारात्मक वातावरण मिलता रहे, तो वे न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि जीवन के विभिन्न पड़ावों पर भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं।
कराटे की तकनीक, अनुशासन की ताकत और आत्मविश्वास की उड़ान—इन्हीं मूल्यों के साथ गोरखपुर के इन नन्हे खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी और एक प्रेरणादायक संदेश दिया कि मेहनत तथा निरंतर अभ्यास से सफलता की राह मजबूत होती है।







