पानी की तलाश में गई मासूम की जिंदगी खत्म, खुले पंप की होदी में गिरकर 4 साल के गोलू की दर्दनाक मौत
- नोएडा सेक्टर-123 में हादसे से मचा हड़कंप, परिजनों ने नोएडा प्राधिकरण पर लगाया लापरवाही का आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नोएडा (उत्तर प्रदेश)।
नोएडा के सेक्टर-123 में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। महज 4 साल का मासूम गोलू पानी पीने के लिए घर से बाहर गया था, लेकिन उसे क्या पता था कि कुछ ही पल बाद वह जिंदगी की जंग हार जाएगा। खुले पड़े पंप की होदी में गिरने से मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों ने खुले पड़े गड्ढों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पानी पीने गया था बच्चा, अचानक हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-123 में रहने वाला चार वर्षीय गोलू पानी पीने के लिए गया था। इसी दौरान वह पास में बनी एक खुली पंप की होदी में गिर गया। मासूम के होदी में गिरने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया और घटना की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि यदि पंप की होदी को सुरक्षित तरीके से ढका गया होता तो शायद उनके बच्चे की जान बच सकती थी।
नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खुले स्थानों, गड्ढों और निर्माण से जुड़े क्षेत्रों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि खुले पंप और होदियों के कारण पहले भी हादसों की आशंका बनी रहती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
घटना के बाद आसपास के लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर खुले पड़े गड्ढे और जल संरचनाएं बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसी जगहों को तत्काल सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।
निष्कर्ष: लापरवाही की कीमत न बने किसी और मासूम की मौत
नोएडा की यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने लाती है। एक परिवार ने अपना मासूम बेटा खो दिया, लेकिन यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर खुले पड़े खतरनाक स्थानों को समय रहते सुरक्षित क्यों नहीं किया गया। अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग ऐसे स्थानों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा कदम उठाएं, ताकि किसी और गोलू की जिंदगी यूं ही खत्म न हो।







