महिलाओं की आवाज़ बनी महिला आयोग — सगड़ी तहसील में डॉ. प्रियंका मौर्या ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

सगड़ी, आजमगढ़
| महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने तहसील सगड़ी के सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने घरेलू विवाद, उत्पीड़न, भूमि विवाद, पारिवारिक समस्याओं, सुरक्षा तथा सामाजिक उत्पीड़न से जुड़े मामलों को आयोग के समक्ष रखा। डॉ. प्रियंका मौर्या ने प्रत्येक मामले को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई में दिखी महिलाओं की बड़ी भागीदारी

तहसील सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में क्षेत्र की अनेक महिलाएं अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर पहुंचीं।
महिलाओं ने—
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पारिवारिक उत्पीड़न,
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घरेलू हिंसा,
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पुलिस कार्रवाई में देरी,
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आर्थिक शोषण,
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जमीन संबंधी विवाद,
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तथा सामाजिक प्रताड़ना
जैसे विभिन्न मुद्दों को महिला आयोग के समक्ष रखा। कार्यक्रम के दौरान कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया, जबकि गंभीर मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
“महिलाओं को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता”
जनसुनवाई के दौरान डॉ. प्रियंका मौर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाना और उन्हें आत्मविश्वास प्रदान करना भी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए ताकि पीड़ितों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि—
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महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए,
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पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए,
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और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन की विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
महिलाओं में दिखा विश्वास और उत्साह
जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में उत्साह और भरोसा साफ दिखाई दिया। कई महिलाओं ने महिला आयोग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर प्रदान करते हैं। स्थानीय लोगों ने भी महिला आयोग की पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
“नारी सम्मान और न्याय” की दिशा में मजबूत पहल
तहसील सगड़ी में आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम महिलाओं को न्याय और सुरक्षा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार प्रशासन और महिला आयोग लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे, तो महिलाओं के प्रति अपराध और उत्पीड़न के मामलों में कमी लाने के साथ-साथ समाज में जागरूकता और विश्वास भी मजबूत होगा।







