भैरवधाम में भक्ति का महासागर: देव दीपावली पर जगमगाया सरयू तट, हजारों दीपों से आलोकित हुआ पूरा महराजगंज
- राजनारायण मिश्र, महराजगंज (आजमगढ़)
महराजगंज नगर पंचायत स्थित भैरवधाम में देव दीपावली की पावन संध्या पर आस्था, भक्ति और श्रद्धा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी का मन मोह लिया। सरयू तट और मंदिर परिसर पर जलते हजारों दीपों की सुनहरी रौशनी से पूरा क्षेत्र आलोकित हो उठा। भैरवधाम का हर कोना मानो दिव्यता से सराबोर था — दीपों की चमक, मंत्रों की ध्वनि और श्रद्धा की लहरें एक साथ बह रही थीं।
भक्ति से ओतप्रोत माहौल
सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में भैरवधाम पहुंचने लगे थे। सामाजिक संगठनों और स्थानीय भक्तों ने मिलकर दीप प्रज्जवलन की तैयारी में पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। शाम ढलते ही पूरा सरयू तट दीपों की कतारों से ऐसा जगमगाया, जैसे धरती पर सितारे उतर आए हों। सायंकाल जब सरयू आरती का समय आया, तो पूरा वातावरण “हर हर गंगे” और “हर हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। मां सरयू की आरती के दौरान उठती घंटियों की आवाज़, शंखनाद और दीपों की झिलमिलाहट ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर अपनी आस्था का प्रकाश प्रवाहित किया और क्षेत्र की खुशहाली, परिवार की समृद्धि तथा लोककल्याण की कामना की।
भव्य सजावट और सुरक्षा व्यवस्था
देव दीपावली के अवसर पर नगर पंचायत की ओर से विशेष सजावट और प्रकाश व्यवस्था की गई थी। सरयू तट से लेकर भैरवधाम मंदिर तक दीपों की पंक्तियों ने एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र एक दिव्य लोक जैसा प्रतीत हो रहा था। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के सख्त और प्रभावी इंतजाम किए गए थे। भक्तों की सुविधा के लिए जगह-जगह पुलिस बल, स्वयंसेवक और व्यवस्था कर्मी मौजूद रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से दीपदान और आरती में भाग ले सकें।
भक्ति संगीत से गूंज उठा धाम
भैरवधाम परिसर में आयोजित भक्ति संगीत कार्यक्रम ने श्रद्धा की शाम को और भी मधुर बना दिया। स्थानीय कलाकारों और भजन मंडलियों ने अपने भक्तिपूर्ण गीतों और आराधनाओं से ऐसा वातावरण रचा कि हर कोई भाव-विभोर हो उठा। “गंगे मां तू क्यारी प्यारी” और “जय शिव शंकर भोलेनाथ” जैसे गीतों पर श्रद्धालु झूम उठे।
आस्था का आलोक — पीढ़ियों तक याद रहेगा यह दृश्य
देव दीपावली का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि आस्था, संस्कृति और एकता का जीवंत उदाहरण भी। हजारों दीपों की चमक ने यह संदेश दिया कि जब मन में श्रद्धा और समाज में एकता का दीप जलता है, तो अंधकार स्वयं मिट जाता है। भैरवधाम की यह देव दीपावली हर वर्ष की तरह इस बार भी आस्था और आध्यात्मिकता की मिसाल बन गई। श्रद्धालु देर रात तक धाम परिसर में डटे रहे — भक्ति, रोशनी और आनंद में डूबे हुए। यह आयोजन एक बार फिर सिद्ध कर गया कि महराजगंज स्थित भैरवधाम की आस्था का उजाला आज भी वैसा ही प्रखर है जैसा सदियों पहले था।






