ई-श्रम पोर्टल बना असंगठित श्रमिकों का डिजिटल सहारा — 31 करोड़ पंजीकरण, 14 योजनाओं का एकीकरण और गिग वर्कर्स को मिली औपचारिक पहचान

नई दिल्ली।
असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ एक क्लिक पर उपलब्ध कराने की दिशा में ई-श्रम पोर्टल देशभर में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। 26 अगस्त 2021 को लॉन्च हुए इस पोर्टल पर 5 अगस्त 2025 तक 30.98 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स भी शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य है आधार से जुड़ा एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना, जिसके आधार पर श्रमिकों को एक सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) देकर उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके और विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचे।
वन-स्टॉप-सॉल्यूशन का रूप ले रहा ई-श्रम
2024-25 के बजट में घोषित दृष्टिकोण के तहत 21 अक्टूबर 2024 को ई-श्रम को "वन-स्टॉप-सॉल्यूशन" में बदल दिया गया। अब यह पोर्टल असंगठित श्रमिकों को 14 प्रमुख केंद्रीय योजनाओं तक सीधी पहुंच देता है, जिनमें शामिल हैं —
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प्रधान मंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi)
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प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)
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प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)
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राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS)
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मनरेगा (MGNREGS)
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प्रधान मंत्री आवास योजना - ग्रामीण/शहरी (PMAY-G/PMAY-U)
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आयुष्मान भारत - PMJAY
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प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY)
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प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan)
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वन नेशन, वन राशन कार्ड (ONORC)
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प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
इसके अलावा, ई-श्रम को PM-SYM, राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS), स्किल इंडिया डिजिटल हब, उमंग ऐप, डिजिलॉकर, माईस्कीम और ओपन गवर्नमेंट डेटा प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है।
राज्यों के लिए विशेष माइक्रोसाइट
29 जनवरी 2025 को शुरू की गई राज्य-विशिष्ट ई-श्रम माइक्रोसाइट्स हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के मुताबिक सेवाएं देने, पंजीकरण और डेटा अद्यतन को सरल बनाने तथा विश्लेषण की सुविधा प्रदान करती हैं।
गिग वर्कर्स के लिए बड़ा कदम
12 दिसंबर 2024 को लॉन्च हुए प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर मॉड्यूल ने पहली बार प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स को औपचारिक मान्यता दी। अब तक ज़ोमैटो, ब्लिंकिट, अर्बन कंपनी, उबर, ओला, अमेज़न, स्विगी, रैपिडो, ज़ेप्टो, ईकॉम एक्सप्रेस और अंकल डिलीवरी समेत 12 बड़े प्लेटफॉर्म इसके साथ जुड़े हैं।
पंजीकरण में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल आगे
05 अगस्त 2025 तक प्लेटफॉर्म वर्कर्स के पंजीकरण में महाराष्ट्र (80,332) शीर्ष पर है, इसके बाद पश्चिम बंगाल (32,274) और उत्तर प्रदेश (23,379) का स्थान है। वहीं, लक्षद्वीप, लद्दाख और अंडमान-निकोबार जैसे छोटे क्षेत्रों में यह संख्या अपेक्षाकृत कम है।
लोकसभा में यह जानकारी देते हुए श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि "ई-श्रम पोर्टल न केवल असंगठित श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ रहा है, बल्कि पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी औपचारिक श्रम ढांचे का हिस्सा बना रहा है, जो श्रमिक कल्याण में ऐतिहासिक बदलाव है।"