युवा संसद कार्यक्रम में 5 लाख से अधिक छात्रों की गूंज — डिजिटल पोर्टल से देश के हर कोने तक पहुँच

नई दिल्ली।
भारत के भविष्य के नेताओं को संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं से जोड़ने की दिशा में संसदीय कार्य मंत्रालय का युवा संसद कार्यक्रम लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। अब तक दिल्ली के विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों और विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में आयोजित विभिन्न युवा संसद प्रतियोगिताओं में 5 लाख से अधिक छात्र सक्रिय रूप से भाग ले चुके हैं।
ये प्रतियोगिताएं राज्यवार आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित संस्थागत ढांचे के अनुसार आयोजित की जाती हैं, जिससे विभिन्न शैक्षणिक इकाइयों के छात्र सीधे अपने संगठन के स्तर पर इस मंच से जुड़ पाते हैं।
राष्ट्रीय युवा संसद योजना (एनवाईपीएस) वेब पोर्टल की शुरुआत ने इस कार्यक्रम की पहुँच को देश के अछूते और दूरदराज़ के क्षेत्रों तक बढ़ा दिया है। अब कोई भी शैक्षणिक संस्थान, समूह या नागरिक पोर्टल के माध्यम से 'क्रियाशील भारतीय लोकतंत्र' विषय पर आधारित युवा संसद बैठक आयोजित कर सकता है, कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो अपलोड कर सकता है और पोर्टल से डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है।
पोर्टल पर मॉडल वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, व्यवसाय की मॉडल सूची, स्क्रिप्ट, वीडियो ट्यूटोरियल और साहित्य जैसे समृद्ध ई-प्रशिक्षण संसाधन भी उपलब्ध हैं, जिन्हें प्रतिभागी और आयोजक आसानी से उपयोग कर सकते हैं। ये संसाधन न केवल आयोजन में मार्गदर्शन करते हैं बल्कि प्रतिभागियों की प्रस्तुति और विचार क्षमता को भी निखारते हैं।
राज्यसभा में यह जानकारी देते हुए संसदीय कार्य तथा सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि यह पहल युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव देने और उन्हें सक्रिय नागरिकता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।