बीआरसी परसा बढ़नी में FLN प्रशिक्षण का दूसरा चरण संपन्न, शिक्षकों ने सीखे बाल-केंद्रित शिक्षण के नए गुर

बीआरसी परसा बढ़नी में FLN प्रशिक्षण का दूसरा चरण संपन्न, शिक्षकों ने सीखे बाल-केंद्रित शिक्षण के नए गुर
  • पांच दिवसीय प्रशिक्षण में भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर जोर, गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में जिज्ञासा और आत्मविश्वास बढ़ाने का संदेश

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, फ़िरोज अहमद, सिद्धार्थनगर,.प्र.

परसा बढ़नी।
बच्चों की शिक्षा की मजबूत नींव ही उनके उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी होती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) परसा बढ़नी में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी (FLN) प्रशिक्षण के दूसरे चरण का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षताओं को मजबूत करने के साथ-साथ कक्षा शिक्षण को सरल, रोचक, गतिविधि आधारित और बाल-केंद्रित बनाने के विभिन्न प्रभावी तरीकों की जानकारी दी गई।

बच्चों की सीखने की क्षमता को मजबूत करने पर जोर

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ की बुनियादी क्षमताओं को विकसित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि शुरुआती कक्षाओं में बच्चों की सीखने की नींव जितनी मजबूत होगी, आगे की शिक्षा में उनकी समझ और प्रदर्शन उतना ही बेहतर होगा। भाषा और गणित के शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षकों को ऐसे तरीकों से परिचित कराया गया, जिनके माध्यम से बच्चे पढ़ाई को बोझ के बजाय आनंद और उत्सुकता के साथ सीख सकें।

कक्षा में नवाचार और गतिविधियों का प्रदर्शन

प्रशिक्षण के दौरान सहभागी शिक्षकों ने स्वयं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय खेल, गतिविधियों, उदाहरणों और सहभागिता के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जाए। प्रशिक्षण में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष चर्चा हुई। शिक्षकों को बताया गया कि प्राथमिक शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना, लिखना और गिनती सिखाना नहीं है, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, तार्किक सोच और सीखने की रुचि विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

“हर बच्चे के सीखने के स्तर का नियमित आकलन जरूरी”

समापन सत्र को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि बुनियादी साक्षरता एवं गणित ज्ञान के प्रभावी शिक्षण के लिए पठन-पाठन को सरल, रोचक और बाल-केंद्रित बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की गति और क्षमता अलग होती है। ऐसे में शिक्षक को बच्चों की दक्षता का नियमित आकलन करते रहना चाहिए, ताकि उनकी सीखने की प्रक्रिया को सही दिशा दी जा सके। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में सीखी गई नवीन तकनीकों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षकों ने साझा किए शिक्षण के प्रभावी तरीके

प्रशिक्षण के सफल संचालन में मुख्य प्रशिक्षक रामराज चौधरी, विनीत कुमार भास्कर, अरविंद आर्य, विष्णु त्रिपाठी और सुखराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को FLN के उद्देश्यों, गतिविधि आधारित शिक्षण, बच्चों के सीखने के स्तर के आकलन और प्रभावी कक्षा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने अनुभव एवं नवाचार साझा किए।

बड़ी संख्या में शिक्षकों ने दर्ज कराई सहभागिता

कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। प्रमुख रूप से सुरेंद्र प्रताप, अनुपम तिवारी, अजय कुमार यादव, बाबू लाल, कुर्बान अली, पतीराज, मोहम्मद फुरकान, उदय सिंह, श्वेता पांडेय, सीमा सिंह, विजय सिंह चौधरी, अब्दुल कलाम खान, श्याम प्रकाश, अनुपम कुमार, बृजकिशोर शुक्ला, शैलेश कुमार श्रीवास्तव, शीला चतुर्वेदी, राम सिंह चौधरी, राम किशुन, पूजा त्रिपाठी, नंदलाल सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

इसके अलावा अनवर सादात, ऑफसा खानम, शहाबुद्दीन, काजी मोहम्मद शाहिद, रिंकी शुक्ला, संध्या पांडे, सरोज चौधरी, माया मिश्रा, राम मूरत यादव, सरिता धर द्विवेदी, नीरज पांडे, रीता कुमारी आर्या, संजय पाठक, पुष्पा पांडे, नीलम मौर्य, संत कुमार यादव, अंजू गुप्ता, चंद्रिका प्रसाद, मंजू यादव, सुनीता यादव, अनिरुद्ध कुमार, वंदना, सुनील कुमार यादव, योगेश मणि यादव, सुमित कुमार दुबे, घनश्याम, दुलारी देवी, अनीता दुबे, सुरेंद्रनाथ शर्मा और सुशील पाठक समेत अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

मजबूत नींव से निखरेगा बच्चों का भविष्य

प्रशिक्षण के समापन पर शिक्षकों ने प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों और गतिविधियों को अपने विद्यालयों में लागू करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य यही रहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों को ऐसी शिक्षा मिले, जो उनकी बुनियादी समझ को मजबूत करने के साथ उनमें सीखने की जिज्ञासा और आत्मविश्वास भी पैदा करे।

FLN प्रशिक्षण का यह प्रयास केवल शिक्षकों के कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लक्ष्य बच्चों की सीखने की क्षमता को मजबूत करना है। मजबूत बुनियादी शिक्षा ही आगे चलकर बेहतर शैक्षिक उपलब्धियों और सशक्त भविष्य की आधारशिला तैयार करती है।