सूरत में भारी बारिश के बीच राहत एवं बचाव अभियान तेज: सिविल डिफेंस, प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ की संयुक्त कार्रवाई, 240 से अधिक नागरिक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
- अबरामा, वेलंजा और निचले इलाकों से सुरक्षित निकाले गए लोग, मोटा वराछा में सड़क धंसने पर 250 से अधिक वाहनों को सुरक्षित डायवर्ट किया गया

सूरत (गुजरात)। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सूरत जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, सिविल डिफेंस, राजस्व विभाग, सूरत नगर निगम, पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ तथा भारतीय सेना की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। सभी विभाग केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के माध्यम से समन्वय बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन नवेद शेख तथा चार डिप्टी चीफ वार्डनों ने कलेक्टर कार्यालय स्थित केंद्रीय कंट्रोल रूम से पांडेसरा, चौकबाजार, कतारगाम, सरथाणा, अमरोली सहित सभी डिवीजनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी और राहत कार्यों का समन्वय किया।
240 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
सिविल डिफेंस की अमरोली डिवीजन की टीम ने डिवीजनल वार्डन प्रकाशकुमार वेकरिया के नेतृत्व में सुबह 11 बजे से शाम 7:15 बजे तक लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक के बाद अमरोली, अबरामा, वेलंजा, उमरा और कठोर सहित बाढ़ प्रभावित एवं निचले क्षेत्रों से 240 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकालकर वेलंजा प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविरों में पहुंचाया गया। राहत शिविरों में सभी विस्थापित नागरिकों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य परीक्षण, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।
मोटा वराछा में सड़क धंसने से टला बड़ा हादसा
शाम के समय मोटा वराछा स्थित सवजी कोराट ब्रिज के निकट ताप्ती नदी किनारे बनी रिवर साइड रोड का लगभग 40 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और गंभीर दुर्घटना की आशंका पैदा हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी डिवीजनल वार्डन आशीष वडोदरिया एवं उनकी टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लगभग 100 मीटर क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी। इसके बाद 250 से 300 वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से सुरक्षित डायवर्ट किया गया, जिससे संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से हो रही लगातार निगरानी
प्रशासन द्वारा जिले के सभी नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। सिविल डिफेंस की सभी इकाइयां जिला प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाकर कार्य कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर पल-पल नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
बिजली और पेयजल व्यवस्था सामान्य
प्रशासन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पेयजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है तथा स्थिति पूरी तरह प्रशासन के नियंत्रण में है। नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और राहत कार्य बिना किसी बाधा के जारी हैं।
24×7 अलर्ट मोड पर रहेंगी सभी टीमें
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए सिविल डिफेंस, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा अन्य सभी संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। सूरत जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध हैं और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।







