22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलेगा खुरपका-मुँहपका टीकाकरण महाअभियान, डीएम-सीडीओ ने जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी; पशुपालकों से बढ़-चढ़कर सहयोग की अपील

22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलेगा खुरपका-मुँहपका टीकाकरण महाअभियान, डीएम-सीडीओ ने जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी; पशुपालकों से बढ़-चढ़कर सहयोग की अपील
  • हर ब्लॉक, गौ आश्रय स्थल, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और निजी पशुपालकों के पशुओं तक पहुंचेगी जागरूकता एम्बुलेंस, टीकाकरण व उपचार से पशुधन को मिलेगा सुरक्षा कवच


आजमगढ़। जनपद के पशुधन को खुरपका-मुँहपका (Foot and Mouth Disease-FMD) जैसी गंभीर एवं संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलने वाले आठवें चरण के विशेष टीकाकरण अभियान का शुभारंभ मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर से किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने जागरूकता रैली एवं प्रचार-प्रसार वाहन (जागरूकता एम्बुलेंस) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अभियान का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक पशुपालक तक पहुंचकर पशुओं को समय पर टीकाकरण उपलब्ध कराना तथा खुरपका-मुँहपका जैसी संक्रामक बीमारी के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाना है। अभियान के तहत जिले के सभी विकास खंडों, गौ आश्रय स्थलों, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तथा निजी पशुपालकों के घर-घर पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण एवं आवश्यक उपचार किया जाएगा।

प्रशासन द्वारा तैयार किए गए रोस्टर के अनुसार जागरूकता एम्बुलेंस विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करेगी। इस दौरान पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय, समय पर टीकाकरण के महत्व तथा पशुओं की नियमित देखभाल के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही पशुओं में बीमारी के लक्षण मिलने पर तत्काल पशु चिकित्सकों से संपर्क करने की भी अपील की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है। यदि पशु स्वस्थ रहेंगे तो किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इसलिए प्रत्येक पशुपालक का दायित्व है कि वह अपने सभी दुधारू एवं अन्य पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराए और अभियान को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करे। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जनपद के प्रत्येक पात्र पशु तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना है। इसके लिए पशुपालन विभाग की टीमें पूरी तत्परता के साथ गांव-गांव जाकर कार्य करेंगी। किसी भी पशुपालक को टीकाकरण के लिए अनावश्यक परेशान होने की आवश्यकता नहीं होगी।

पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खुरपका-मुँहपका एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी एवं अन्य खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है। इस बीमारी से पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता में भारी कमी आती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

प्रशासन ने जनपद के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं, पशु चिकित्सा टीमों का सहयोग करें तथा अपने आसपास के अन्य पशुपालकों को भी इस अभियान के प्रति जागरूक करें। स्वस्थ पशु ही समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पहचान हैं।

  • 22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलेगा खुरपका-मुँहपका टीकाकरण अभियान।

  • डीएम एवं सीडीओ ने कलेक्ट्रेट से जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी।

  • रोस्टर के अनुसार सभी ब्लॉकों, गौ आश्रय स्थलों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगी टीमें।

  • निजी पशुपालकों के पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण एवं आवश्यक उपचार किया जाएगा।

  • पशुपालकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी और सहयोग की अपील।