चौपाल से विकास का संदेश: केन्द्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने गिनाए ‘विकसित भारत जी-राम जी योजना’ के फायदे, बोले—अब गांवों में दिखेगा काम

चौपाल से विकास का संदेश: केन्द्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने गिनाए ‘विकसित भारत जी-राम जी योजना’ के फायदे, बोले—अब गांवों में दिखेगा काम

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा

बड़हलगंज | 

बड़हलगंज ब्लॉक परिसर में बुधवार को आयोजित चौपाल कार्यक्रम विकास के नए संकल्प और नई उम्मीदों का मंच बन गया। चौपाल में पहुंचे बासगांव सांसद एवं केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने विकसित भारत जी-राम जी योजना को देश और गांवों के भविष्य से जोड़ते हुए इसके लाभों को विस्तार से गिनाया। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार नहीं, बल्कि स्थायी विकास और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है।


  • बड़हलगंज ब्लॉक परिसर में विकसित भारत जी-राम जी योजना पर चौपाल

  • केन्द्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने योजना के उद्देश्यों और लाभों को बताया

  • 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार देने की घोषणा

  • 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये का विशाल बजट

  • स्थायी परिसंपत्तियों, जल संरक्षण और पर्यावरण पर जोर

  • ग्राम रोजगार सेवकों ने केन्द्रीय मंत्री को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन


“अब मिट्टी खोदने-पाटने की नहीं, दिखने वाले काम की योजना”

चौपाल को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा—

विकसित भारत जी-राम जी योजना, विकसित भारत की आधारशिला है। इस योजना के तहत जो कार्य कराए जाएंगे, वे आने वाले वर्षों में साफ तौर पर दिखाई देंगे। स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जल संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े कार्य होंगे, जिससे गांवों की तस्वीर बदलेगी।”

उन्होंने कहा कि नई तकनीक के माध्यम से कार्य कराने से भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी। यही वजह है कि मनरेगा जैसी योजनाओं में पहले जो कमियां थीं, उन्हें दूर किया जा रहा है।


125 दिन का रोजगार, खेती के समय मिलेगा ब्रेक

केन्द्रीय मंत्री ने घोषणा की कि—

  • अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा

  • खेती-बाड़ी के समय 60 दिन का ब्रेक रहेगा ताकि किसान अपने खेतों पर ध्यान दे सकें

  • योजना के लिए 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है

उन्होंने कहा कि इस योजना में गांव वाले स्वयं बैठकर तय करेंगे कि गांव में कौन सा कार्य होगा। इससे जरूरत के अनुसार विकास संभव होगा।


मनरेगा की कमियों पर खुलकर बोले मंत्री

कमलेश पासवान ने कहा कि—

“पहले मनरेगा में अक्सर सिर्फ मिट्टी खोदने और पाटने का ही काम होता था, काम दिखाई नहीं देता था। लेकिन वीबी जी-राम जी योजना के तहत अब गांवों में ऐसे काम होंगे, जो वर्षों तक दिखाई देंगे और गांव की पहचान बनेंगे।”

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को नई दिशा मिल रही है।


विपक्ष पर निशाना, जनजागरण का आह्वान

कार्यक्रम में चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि—

“विकसित भारत जी-राम जी योजना से विपक्ष घबरा गया है, इसलिए वह इसके खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि यह योजना गांव, गरीब और मजदूर के लिए है।”

भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी ने कहा कि सरकार का स्पष्ट निर्णय है कि गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जाए, क्योंकि विकसित भारत में इस योजना का महत्वपूर्ण योगदान होगा।


“श्रमिकों के लिए वरदान है यह योजना”

ब्लॉक प्रमुख बड़हलगंज रामआशीष राय ने कहा कि यह योजना सीधे तौर पर श्रमिकों के हित में है और इसका प्रचार-प्रसार करना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे खंड विकास अधिकारी मनोज सिंह ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया, जबकि संचालन दुर्गेश मिश्र ने किया। इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, बृजेश वर्मा, प्रशांत शाही, महंत शाही, सूरज शाही, संजय गुप्ता, अतुल यादव, गुलशन यादव, नारद पासवान, प्रेम प्रकाश सिंह, शिवम पांडेय, राजन सिंह, चंदन पांडेय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।


ग्राम रोजगार सेवकों ने सौंपा ज्ञापन

चौपाल कार्यक्रम के दौरान ग्राम रोजगार सेवकों ने केन्द्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान को चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांगों में—

  • स्थायी नियुक्ति

  • एचआर पॉलिसी लागू करने

  • मानदेय वृद्धि

  • सेवा शर्तों में सुधार शामिल थीं।

केन्द्रीय मंत्री ने रोजगार सेवकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि— “आप लोगों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। प्रशासनिक मद को बढ़ाया गया है, जिससे आप लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।”


बड़हलगंज की यह चौपाल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव के विकास, रोजगार और भविष्य की रूपरेखा तय करने का मंच साबित हुई। विकसित भारत जी-राम जी योजना को लेकर सरकार का स्पष्ट संदेश है— अब विकास सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखेगा।