24 घंटे बाद कब्र से उठेगा सच? दफन शव के पोस्टमार्टम की मांग से गगहा में सनसनी, दिलशाद की मौत पर गहराया रहस्य
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गगहा थाना क्षेत्र के पुरसौली गांव का मामला
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22 वर्षीय दिलशाद उर्फ डिल्लू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
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बाइक के साथ सड़क किनारे मिला था शव
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बिना पोस्टमार्टम शव दफनाया गया
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अगले ही दिन परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
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जिलाधिकारी की अनुमति से कब्र से शव निकलवाने की तैयारी
क्राइम रिपोर्टर | गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र से सामने आया एक मामला अब केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि सवालों, शंकाओं और साज़िश की आशंकाओं से घिरा रहस्यमयी प्रकरण बनता जा रहा है। जिस युवक को परिजनों ने ग़म और बेबसी के बीच दफना दिया था, अब उसी युवक की मौत पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन पुलिस से शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगा रहे हैं। पुरसौली गांव निवासी 22 वर्षीय दिलशाद उर्फ डिल्लू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम शव को दफना दिया गया। लेकिन 24 घंटे बाद परिजनों को उसकी मौत पर शक हुआ। अब हत्या या साज़िश की आशंका जताते हुए शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है। प्रशासनिक अनुमति के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव है।
पूरी घटना: कैसे बदला हादसे का सच?
गगहा थाना क्षेत्र के पुरसौली गांव में सोमवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के ही 22 वर्षीय युवक दिलशाद उर्फ डिल्लू का शव उसकी बाइक के साथ सड़क किनारे पड़ा मिला। शुरुआती तौर पर यह मामला सड़क हादसे का प्रतीत हुआ। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और बदहवास हालत में युवक को गगहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर गए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने जांच के बाद दिलशाद को मृत घोषित कर दिया। अचानक टूट पड़े दुख के पहाड़ और भावनात्मक हालात के चलते परिजनों ने किसी भी कानूनी प्रक्रिया या पोस्टमार्टम के बिना मंगलवार को शव को दफना दिया।
24 घंटे बाद पलटी कहानी, उठे गंभीर सवाल
हैरानी की बात यह है कि दफनाने के ठीक अगले दिन बुधवार को इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। दिलशाद के मामा और अन्य रिश्तेदारों ने गगहा थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और दावा किया कि दिलशाद की मौत सामान्य नहीं है। परिजनों का आरोप है कि अब उन्हें हत्या या किसी गहरी साज़िश की आशंका है। इसी संदेह के चलते उन्होंने पुलिस से मांग की है कि कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि मौत का असली कारण सामने आ सके।
प्रशासन की भूमिका: अनुमति के बाद ही खुलेगा राज
इस पूरे मामले पर गगहा थानाध्यक्ष अंजुल चतुर्वेदी ने बताया कि परिजनों की तहरीर प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि शव को दफनाया जा चुका है, इसलिए अब जिलाधिकारी की अनुमति आवश्यक है।
“जिलाधिकारी के आदेश मिलते ही मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकलवाया जाएगा और पोस्टमार्टम कराया जाएगा,” – थानाध्यक्ष, गगहा
गांव में चर्चा, हर जुबां पर एक सवाल
एक दिन पहले तक जिसे लोग एक सामान्य दुर्घटना मान रहे थे, वही मामला अब रहस्य और चर्चाओं का केंद्र बन गया है। गांव में तरह-तरह की बातें हो रही हैं—
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क्या यह सच में हादसा था?
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क्या दिलशाद किसी साज़िश का शिकार हुआ?
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आखिर दफन के बाद ऐसा क्या हुआ कि परिजनों को शक हो गया? हर गली, हर चौपाल पर बस एक ही सवाल गूंज रहा है—“दिलशाद की मौत का सच क्या है?”
अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर
फिलहाल प्रशासनिक अनुमति का इंतजार है। लेकिन इतना तय है कि यदि शव कब्र से बाहर निकलता है, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है। क्या यह एक दर्दनाक हादसा था, या किसी सोची-समझी साज़िश का नतीजा—इसका जवाब जल्द सामने आ सकता है।
गगहा की यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि हर मौत के पीछे छिपे सच तक पहुंचना कितना जरूरी है, चाहे वह सच कब्र के नीचे ही क्यों न दफन हो गया हो।






