पितरों की तृप्ति और लोककल्याण के संकल्प के साथ गूंजा वैदिक मंत्रोच्चार

पितरों की तृप्ति और लोककल्याण के संकल्प के साथ गूंजा वैदिक मंत्रोच्चार
  • पितर तृप्ति रुद्र महायज्ञ के लिए शास्त्रीय भूमिपूजन, यज्ञशाला निर्माण की प्रक्रिया शुरू

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, .प्र.

बड़हलगंज।
सरयू की पावन धारा के तट पर आस्था, अध्यात्म और सनातन परंपरा का एक और भव्य अध्याय लिखे जाने की तैयारी शुरू हो गई है। चिल्लूपार क्षेत्र के बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ परिसर में आयोजित होने जा रहे पितर तृप्ति रुद्र महायज्ञ एवं सरयू अमृत महोत्सव-2026 को लेकर शुक्रवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञशाला निर्माण के लिए शास्त्रीय भूमिपूजन संपन्न हुआ। भूमिपूजन के साथ ही प्रस्तावित मुख्य यज्ञ मंडप के निर्माण की प्रक्रिया भी विधिवत प्रारंभ हो गई। इस दौरान पूरा वातावरण वैदिक मंत्रों, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धा के भाव से ओतप्रोत नजर आया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमिपूजन

शुक्रवार को मुक्तिपथ स्मृतिहाल में प्रमुख यज्ञाचार्य ब्रह्मानन्द शास्त्री की देखरेख में विद्वान ब्राह्मणों की टोली ने शास्त्रीय विधि-विधान से भूमिपूजन कराया। वैदिक परंपरा के अनुरूप पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार के बाद मुख्य यज्ञ मंडप के लिए भूमि निर्धारित की गई। भूमिपूजन के दौरान वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। धार्मिक अनुष्ठान में शामिल लोगों ने विधि-विधान के साथ यज्ञशाला निर्माण के शुभारंभ को क्षेत्र के लिए मंगलकारी अवसर बताया।

विधायक राजेश त्रिपाठी व चेयरमैन डॉ. प्रीति उमर बने मुख्य यजमान

भूमिपूजन कार्यक्रम में चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी एवं उनकी पत्नी सुमन त्रिपाठी तथा बड़हलगंज चेयरमैन डॉ. प्रीति उमर एवं उनके पति महेश उमर ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सभी ने विधिवत पूजा-अर्चना में सहभागिता की तथा आयोजन की सफलता और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की।

पितरों की स्मृति और सनातन परंपरा को समर्पित आयोजन

पितर तृप्ति रुद्र महायज्ञ और सरयू अमृत महोत्सव-2026 को लेकर क्षेत्र में पहले से ही उत्साह का वातावरण है। आयोजन को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सनातन संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता से जोड़कर देखा जा रहा है। सरयू तट पर होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का अवसर बनने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा। मुक्तिपथ क्षेत्र पहले से ही धार्मिक आस्था और पितृ स्मरण से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। ऐसे में यहां प्रस्तावित महायज्ञ को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

आयोजन को लेकर जुटने लगीं तैयारियां