आजमगढ़ में नदियों का जलस्तर बढ़ा, घाघरा के कई बिंदुओं पर खतरे की स्थिति पर नजर

आजमगढ़ में नदियों का जलस्तर बढ़ा, घाघरा के कई बिंदुओं पर खतरे की स्थिति पर नजर
  • बाढ़ नियंत्रण कक्ष की 19 सितंबर सुबह 8 बजे की रिपोर्ट जारी, घाघरा के उफान से प्रशासन सतर्क; अब तक 1067.50 मिमी बारिश दर्ज

आजमगढ़। लगातार हो रही बारिश के बीच आजमगढ़ में नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष, बाढ़ खण्ड आजमगढ़ द्वारा 19 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे जारी की गई रिपोर्ट में घाघरा नदी के विभिन्न गेज स्थलों पर जलस्तर दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, घाघरा नदी के उज्जलहवा, इस्माइलपुर, गांगपुर, बदरहुआ और डिघिया गेज स्थलों पर जलस्तर की निगरानी की जा रही है। वहीं टोंस नदी के सेंट्रल सुरक्षा चौकी पर भी जलस्तर दर्ज किया गया है।

घाघरा के विभिन्न गेज स्थलों पर दर्ज हुआ जलस्तर

रिपोर्ट के अनुसार सुबह 8 बजे घाघरा नदी के प्रमुख गेज स्थलों पर आज का जलस्तर इस प्रकार दर्ज किया गया—

  • उज्जलहवा: 75.20 मीटर

  • इस्माइलपुर: 73.41 मीटर

  • गांगपुर: रिपोर्ट में आज के गेज का आंकड़ा उपलब्ध नहीं/दर्ज नहीं किया गया है।

  • बदरहुआ: 71.20 मीटर

  • डिघिया: 70.31 मीटर

रिपोर्ट में प्रत्येक स्थल के न्यूनतम, मध्य एवं उच्चतम/वर्ष के जलस्तर के साथ रेड लाइन तथा पिछले वर्ष के अधिकतम गेज की भी तुलना की गई है। इससे नदी के जलस्तर की वर्तमान स्थिति और पिछले रिकॉर्ड के बीच अंतर पर नजर रखने में मदद मिलती है।

टोंस नदी का जलस्तर भी दर्ज

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट में टोंस नदी के सेंट्रल सुरक्षा चौकी गेज स्थल का आज का जलस्तर 67.90 मीटर दर्ज किया गया है। संबंधित स्थल पर भी जलस्तर की निगरानी की जा रही है।

बारिश का आंकड़ा भी जारी

रिपोर्ट के अनुसार आज की वर्षा 36.00 एमएम दर्ज की गई, जबकि आज तक की कुल वर्षा 1067.50 एमएम बताई गई है। लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में बदलाव को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

प्रशासनिक अमला अलर्ट, अधिकारियों को भेजी गई सूचना

बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा जलस्तर संबंधी रिपोर्ट को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, बाढ़ नियंत्रण कक्ष गोरखपुर एवं बलिया सहित जिलाधिकारी आजमगढ़, जिला सूचना अधिकारी, अपर जिलाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सूचनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नदियों के किनारे बसे गांवों में बढ़ी चिंता

घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और लगातार बारिश के कारण नदी किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का माहौल है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की नजर नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट में किसी क्षेत्र में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित होने या गांवों में पानी घुसने की सूचना नहीं दी गई है। फिलहाल प्रशासन जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की अपील

नदी किनारे एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने तथा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपेक्षा है। ग्रामीणों को नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को देने की सलाह दी जा सकती है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की 19 सितंबर की सुबह की रिपोर्ट ने यह जरूर संकेत दिया है कि बारिश और नदियों के जलस्तर की निगरानी इस समय बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है। आने वाले घंटों में जलस्तर में होने वाला बदलाव आजमगढ़ के नदी किनारे वाले क्षेत्रों के लिए अहम रहेगा।

स्रोत: बाढ़ नियंत्रण कक्ष, बाढ़ खण्ड आजमगढ़ — दिनांक 19 सितंबर 2026, समय 8:00 बजे।