हजीरा पोर्ट पर परिवहन संकट गहराया: अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, हजारों कंटेनरों की आवाजाही पर मंडराया संकट

- ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों की अनदेखी पड़ी भारी, 30 मई से काम बंद करने का ऐलान; पोर्ट प्रशासन पर बढ़ा दबाव
सूरत। देश के प्रमुख समुद्री व्यापारिक केंद्रों में शामिल हजीरा पोर्ट एक बड़े परिवहन संकट के मुहाने पर खड़ा दिखाई दे रहा है। हजीरा एम्प्टी कंटेनर यार्ड एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (HECYPUA) ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान न होने पर 30 मई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है। इस निर्णय के बाद न केवल कंटेनर परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि आयात-निर्यात से जुड़े कारोबार, ट्रांसपोर्ट उद्योग और हजारों श्रमिकों की आजीविका पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

एसोसिएशन द्वारा जारी हड़ताल सूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और पोर्ट प्रबंधन के समक्ष समस्याएं रखने के बावजूद आज तक कोई ठोस और संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया। लगातार बढ़ती परेशानियों और प्रशासनिक उदासीनता से नाराज होकर ट्रांसपोर्ट समुदाय ने यह कठोर कदम उठाने का फैसला किया है।
समस्याओं का अंबार, ट्रांसपोर्टरों का सब्र टूटा
हजीरा पोर्ट से जुड़े ट्रांसपोर्टर, वाहन मालिक, एम्प्टी कंटेनर डिपो संचालक और हजारों ड्राइवर लंबे समय से कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि इन समस्याओं के कारण समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की भारी बर्बादी हो रही है।
सबसे बड़ी मांग वाहनों के टर्नअराउंड टाइम को लेकर है। वर्तमान व्यवस्था में ट्रकों को कई-कई घंटों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है और वाहन संचालन प्रभावित होता है। एसोसिएशन ने मांग की है कि पोर्ट में वाहनों का टर्नअराउंड टाइम अधिकतम दो घंटे तक सीमित किया जाए। इसके अलावा ट्रक चालकों के लिए स्थायी कैंटीन सुविधा की भी मांग उठाई गई है। भीषण गर्मी, लंबे इंतजार और कठिन कार्य परिस्थितियों के बीच ड्राइवरों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में एक व्यवस्थित कैंटीन सुविधा उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य दोनों के लिए आवश्यक मानी जा रही है।
ऑनलाइन भुगतान और दस्तावेजी व्यवस्था में सुधार की मांग
एसोसिएशन ने ब्लैकलिस्ट किए गए वाहनों के लिए ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था शुरू करने की मांग भी उठाई है। वर्तमान प्रक्रिया को जटिल और समय लेने वाली बताते हुए ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी समाप्त होगी। एक अन्य महत्वपूर्ण मांग एम्प्टी कंटेनरों की आवाजाही से जुड़ी है। एसोसिएशन का कहना है कि एमटीवाई (Empty) कंटेनरों के मूवमेंट हेतु डिपो कोड का तत्काल आवंटन किया जाना चाहिए, जिससे कंटेनरों की ढुलाई में आने वाली प्रशासनिक बाधाएं दूर हो सकें। इसके साथ ही वाहन ब्रेकडाउन की स्थिति में पेनल्टी समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि तकनीकी खराबी या आकस्मिक परिस्थितियों में वाहन मालिकों पर जुर्माना लगाना न्यायसंगत नहीं है। वाहन दस्तावेजों के अपडेट के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू करने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, जिससे समय की बचत हो और प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाया जा सके।
30 मई दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल प्रभाव से उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 30 मई 2026 को दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। इस हड़ताल के दौरान पोर्ट से जुड़े कंटेनर मूवमेंट, ट्रांसपोर्ट गतिविधियां और लॉजिस्टिक संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका असर केवल हजीरा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में माल आपूर्ति श्रृंखला पर भी दिखाई दे सकता है।
व्यापार जगत में बढ़ी चिंता, समाधान की उम्मीद
हजीरा पोर्ट पश्चिम भारत के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में गिना जाता है। यहां से प्रतिदिन हजारों कंटेनरों की आवाजाही होती है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से उद्योग जगत, निर्यातकों और आयातकों के बीच चिंता बढ़ गई है। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि पोर्ट प्रशासन और एसोसिएशन के बीच तत्काल वार्ता होनी चाहिए ताकि स्थिति को बिगड़ने से पहले संभाला जा सके। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आर्थिक गतिविधियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्ट समुदाय ने मांगा सम्मान और सुविधाएं
एसोसिएशन का कहना है कि उनकी मांगें किसी विशेष लाभ के लिए नहीं, बल्कि परिवहन व्यवस्था को अधिक सुचारू, पारदर्शी और मानवीय बनाने के लिए हैं। ट्रक चालक और वाहन मालिक देश की आर्थिक धुरी हैं, लेकिन उन्हें आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संस्था ने पोर्ट प्रशासन से अपील करते हुए कहा है कि ट्रांसपोर्ट समुदाय, एम्प्टी कंटेनर डिपो संचालकों और ड्राइवरों के हित में सकारात्मक निर्णय लिया जाए ताकि व्यापार और परिवहन दोनों की गति बनी रहे।
हजीरा पोर्ट पर मंडराता यह हड़ताल संकट केवल ट्रांसपोर्टरों की समस्या नहीं, बल्कि पूरे व्यापारिक तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि संवाद और समाधान का रास्ता नहीं निकला, तो हजारों कंटेनरों की आवाजाही रुक सकती है और करोड़ों रुपये के कारोबार पर असर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें पोर्ट प्रशासन और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं। आने वाले घंटे यह तय करेंगे कि हजीरा की रफ्तार जारी रहेगी या फिर हड़ताल के पहिए व्यापार की गति को थाम देंगे।
- हजीरा पोर्ट पर हड़ताल का बिगुल: ट्रांसपोर्टरों ने किया काम बंद करने का ऐलान, कंटेनर कारोबार पर मंडराया बड़ा संकट
- लंबित मांगों के समाधान न होने से नाराज ट्रांसपोर्ट समुदाय; 30 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी, पोर्ट प्रशासन पर बढ़ा दबाव







