यूपीएसएसएससी स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा में प्रशासन की पैनी नजर, डीएम-एसएसपी ने किया औचक निरीक्षण
- 15 केंद्रों पर 6,888 अभ्यर्थी पंजीकृत, 5,732 ने दी परीक्षा; 1,156 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित—सीसीटीवी, स्ट्रांग रूम और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

आजमगढ़, 23 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा को आजमगढ़ में नकलविहीन, पारदर्शी और पूर्ण शुचिता के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सीसीटीवी निगरानी तक प्रशासन की विशेष नजर रही।

परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने रविवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों को शासन तथा आयोग द्वारा निर्धारित सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और डीएवी कॉलेज सहित कई केंद्रों का निरीक्षण
जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रैदोपुर तथा डीएवी कॉलेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के प्रवेश से लेकर परीक्षा कक्षों में बैठने की व्यवस्था तक का जायजा लिया।

इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम तथा परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता और शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
‘परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शुचितापूर्ण वातावरण में संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता और गंभीरता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम पर विशेष निगरानी
डीएम ने परीक्षा के सबसे संवेदनशील पक्ष प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एवं गोपनीयता को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार होनी चाहिए। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशासन का स्पष्ट संदेश रहा कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को दिए मुस्तैदी के निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाए और परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न होने दिया जाए। उन्होंने संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनधिकृत व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी प्रभावी निगरानी रखने तथा प्रवेश व्यवस्था को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित करने पर जोर दिया गया।
15 केंद्रों पर 6,888 अभ्यर्थी थे पंजीकृत
जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार ने बताया कि जनपद आजमगढ़ में यूपीएसएसएससी की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा का आयोजन 23 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक पाली में कराया गया। परीक्षा के लिए जनपद में कुल 15 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। इन केंद्रों पर कुल 6,888 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से—
-
5,732 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे।
-
1,156 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
इस प्रकार पंजीकृत अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या ने निर्धारित समय में परीक्षा में हिस्सा लिया।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की लगातार निगरानी
परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया गया कि अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले। सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने विशेष सतर्कता बरती। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने दायित्वों में शिथिलता न बरतें।
परीक्षा संपन्न होने तक बरती गई पूरी सतर्कता
यूपीएसएसएससी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता अभ्यर्थियों के भविष्य से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में जिला प्रशासन ने परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए। 15 केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बीच परीक्षा का आयोजन प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी निगरानी में कराया गया।
निष्पक्ष परीक्षा से युवाओं के भविष्य को मिलता है भरोसा
यूपीएसएसएससी स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा के दौरान आजमगढ़ में प्रशासन की सक्रियता ने यह संदेश दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचिता को लेकर प्रशासन गंभीर है। डीएम और एसएसपी के औचक निरीक्षण से लेकर केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था तक हर स्तर पर सतर्कता बरती गई। प्रशासन की यह कोशिश न केवल परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की दिशा में महत्वपूर्ण रही, बल्कि उन हजारों अभ्यर्थियों के भरोसे को भी मजबूती देती है जो अपने बेहतर भविष्य के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
आजमगढ़ में 6,888 पंजीकृत अभ्यर्थियों वाली इस परीक्षा में 5,732 अभ्यर्थियों की उपस्थिति के साथ परीक्षा संपन्न हुई, जबकि प्रशासन की पैनी निगरानी ने पूरे आयोजन को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।







