स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पद पर होगी नियुक्ति, 24 अगस्त तक आमंत्रित किए गए आवेदन
आजमगढ़ समेत प्रदेश के 8 जनपदों में रिक्त पदों पर भर्ती • जिला न्यायाधीश या उससे उच्च पद पर कार्यरत/सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी कर सकते हैं आवेदन

आजमगढ़,
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat) के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय आजमगढ़ अनुपम कुमार त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह नियुक्ति प्रदेश के आठ जनपदों—आजमगढ़, बलरामपुर, महोबा, संतकबीरनगर, पीलीभीत, अलीगढ़, एटा एवं मथुरा—में गठित स्थायी लोक अदालतों के लिए की जाएगी।
इन न्यायिक अधिकारियों को मिलेगा आवेदन का अवसर
जारी सूचना के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए वही अभ्यर्थी आवेदन करने के पात्र होंगे, जो जिला न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश अथवा जिला न्यायाधीश से उच्च पद के न्यायिक अधिकारी रहे हों या वर्तमान में कार्यरत हों। आवेदन के साथ शैक्षणिक एवं आवश्यक प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
24 अगस्त तक भेजना होगा आवेदन
इच्छुक अभ्यर्थियों को अपना आवेदन पत्र आवश्यक अभिलेखों सहित निम्न पते पर भेजना होगा—
सदस्य सचिव,
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण
4/7, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ।
आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
स्थायी लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका
स्थायी लोक अदालतें जनसामान्य को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन अदालतों के माध्यम से विभिन्न लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का आपसी सहमति और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप निस्तारण किया जाता है, जिससे लंबित मुकदमों का बोझ भी कम होता है।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से योग्य न्यायिक अधिकारियों को महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। यह नियुक्ति प्रदेश में वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







