आजमगढ़ में गैंगस्टर पर बड़ी कार्रवाई: ₹31.29 लाख की अवैध सम्पत्ति कुर्क, कानून के शिकंजे में ‘झिनकू गैंग

आजमगढ़ में गैंगस्टर पर बड़ी कार्रवाई: ₹31.29 लाख की अवैध सम्पत्ति कुर्क, कानून के शिकंजे में ‘झिनकू गैंग

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार सिंह


  • अवैध दौलत पर चला बुलडोज़र: आजमगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट में आरोपी की ₹31 लाख की संपत्ति 14(1) के तहत कुर्क

अपराध पर सख्त शिकंजा—आजमगढ़ में कानून की दृढ़ कार्रवाई का बड़ा उदाहरण

अपराध और अपराधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करने की नीति पर चलते हुए आजमगढ़ पुलिस ने एक बार फिर कड़े तेवर दिखाए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के सख्त निर्देशों पर चलते हुए पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में नामजद शातिर अपराधी अबू तालिब उर्फ झिनकू की ₹31,29,840 मूल्य की अवैध संपत्ति को धारा 14(1) के तहत कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई न केवल कानून की ताकत का संदेश देती है, बल्कि उन सभी अपराधियों के लिए खुली चेतावनी है जो अपराध से कमाई हुई अवैध संपत्ति पर ऐश करने की सोच रखते हैं।


अपराध की कमाई से खरीदी गई ज़मीन अब राजसत्ता के कब्जे में

थाना जीयनपुर पुलिस की विवेचना के दौरान उजागर हुआ कि गैंगस्टर एक्ट से सम्बंधित अभियुक्त अबू तालिब पुत्र हसन रज़ा उर्फ झिनकू, निवासी नसीरपुर, ने अपने अपराधों से अर्जित धन से 13 फरवरी 2021 को अपनी मां उम्मतुन निसा के नाम से नसीरपुर फतेहपुर स्थित भूमि खरीदी थी। राजस्व विभाग द्वारा इस जमीन का मूल्य ₹31,29,840 आँका गया। विवेचना पूर्ण होने पर थानाध्यक्ष जीयनपुर ने सम्पूर्ण तथ्य वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिला मजिस्ट्रेट को भेजे, जिनके आदेश पर दिनांक 13.11.2025 को इसे कुर्क करने का आदेश पारित हुआ।

डुगडुगी पिटवाकर हुई कुर्की—कानून की पारदर्शी कार्यवाही का उदाहरण

दिनांक 18.11.2025 को आदेश के अनुपालन में क्षेत्राधिकारी सगड़ी अनिल कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार सगड़ी रंजीत बहादुर, थानाध्यक्ष जीयनपुर जितेंद्र बहादुर सिंह, थानाध्यक्ष बिलरियागंज सुनील कुमार दुबे, तथा राजस्व कर्मचारियों की मौजूदगी में डुगडुगी पिटवाकर पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से सम्पन्न किया गया। यह दृश्य मानो यह संदेश दे रहा था— “अब अपराध का धन अपराधी की जेब में नहीं, शासन के नियंत्रण में जाएगा।”


अभियुक्त अबू तालिब का आपराधिक इतिहास—गंभीर धाराओं में था लिप्त

अबू तालिब एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके विरुद्ध कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं—

  1. मु०अ०सं० 240/2018 – गोवध निवारण अधिनियम एवं पशु क्रूरता

  2. मु०अ०सं० 213/2024 – गोवध निवारण अधिनियम

  3. मु०अ०सं० 271/2024 – BNS एवं गोवध निवारण अधिनियम

  4. मु०अ०सं० 97/2025 – गैंगस्टर एक्ट

  5. मु०अ०सं० 78/2025 – गोवध निवारण अधिनियम व आर्म्स एक्ट

इतिहास से साफ है कि अपराध उसके लिए आदत नहीं, बल्कि आय का माध्यम बन चुका था—जिस पर अब पुलिस ने कठोर प्रहार किया है।


रेड टीम—जिनके सख्त कदमों ने अपराध पर कसा शिकंजा

कुर्की में शामिल अधिकारी:

  • नायब तहसीलदार सगड़ी – रंजीत बहादुर

  • क्षेत्राधिकारी सगड़ी – अनिल कुमार वर्मा

  • थानाध्यक्ष जीयनपुर – जितेंद्र बहादुर सिंह (मय फोर्स)

  • थानाध्यक्ष बिलरियागंज – सुनील कुमार दुबे (मय फोर्स)

  • कानूनगो – तहसील सगड़ी

इन सभी की संयुक्त कार्रवाई ने सुनिश्चित किया कि कानूनी आदेश का पालन पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ हो।


अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन का आधिकारिक वक्तव्य

एएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने कहा—“आजमगढ़ पुलिस अपराधियों की अवैध सम्पत्तियों पर निरंतर प्रहार कर रही है। अपराध से अर्जित एक-एक रुपये की जांच हो रही है, और कानूनन कार्रवाई बिना किसी दबाव के की जाएगी। ऐसी कार्रवाइयाँ समाज में यह भरोसा जगाती हैं कि अपराध का कोई भविष्य नहीं।”


अपराध की कमाई पर नकेल—आजमगढ़ पुलिस का यह प्रहार बना मिसाल

यह कार्रवाई सिर्फ एक अपराधी की संपत्ति कुर्क करने भर का मामला नहीं, बल्कि उस संदेश का प्रतीक है जो आजमगढ़ पुलिस पूरे जनपद को देना चाहती है— “अवैध कमाई चाहे कितनी भी बड़ी हो, कानून की पकड़ से बाहर नहीं।” आज की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराधों से अर्जित संपत्ति का अंत एक ही है— जप्ती, कुर्की और पूरी कानूनी कार्यवाही। आजमगढ़ पुलिस के इस सख्त रुख से निश्चित ही अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और कानून के प्रति समाज का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।