गोरखपुर: एटीएम बदलकर धोखाधड़ी करने वाला अंतर्जनपदीय गिरोह गिरफ्तार, 20 एटीएम कार्ड और नकदी बरामद

गोरखपुर: एटीएम बदलकर धोखाधड़ी करने वाला अंतर्जनपदीय गिरोह गिरफ्तार, 20 एटीएम कार्ड और नकदी बरामद

गोरखपुर, 30 अगस्त: गोरखपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के पास से 20 एटीएम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 3,000 रुपये नकद, और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों पर गोरखपुर सहित विभिन्न जिलों में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं, और ये कुछ समय पूर्व ही जेल से छूटे थे। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर द्वारा धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण में किया गया। प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा और उनकी टीम ने अभियुक्तों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अमन शर्मा, इरफान, और सुरजीत के रूप में हुई है। ये सभी अपराधी संगठित होकर एटीएम धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, इन अभियुक्तों का काम करने का तरीका यह था कि वे उन लोगों को निशाना बनाते थे जो एटीएम मशीनों से पैसे निकालने में परेशानी महसूस करते थे। 

दिनांक 16 अगस्त 2024 को वादी मुकदमा ने भटहट स्थित एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की, जब अभियुक्तों ने धोखे से उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और बाद में बासस्थान रोड स्थित एटीएम मशीन से 10,000 रुपये निकाल लिए। वादी की शिकायत के आधार पर थाना गुलरिहा में मु0अ0स0 799/2024 धारा 303(2) भा0न्या0स0 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। इसके बाद 26 अगस्त 2024 को कूड़ाघाट चौराहा स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से पैसे निकालने के दौरान, वादी का एटीएम कार्ड फंस गया। गार्ड के नाम पर एक फर्जी नंबर पर कॉल करने के बाद, वादी ने कार्ड वहीं छोड़ दिया, और थोड़ी देर बाद उनके खाते से 30,000 रुपये की निकासी कर ली गई। इस घटना की भी शिकायत दर्ज की गई और थाना एम्स में मु0अ0स0 440/2024 धारा 303(2), 318(4) भा0न्या0स0 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

अभियुक्त अमन शर्मा, इरफान और सुरजीत मिलकर एटीएम धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इरफान, जो इस गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है, अपराध के दौरान होटल में ठहरता था, जबकि अमन शर्मा के घर पर बाकी अपराधी इकठ्ठा होते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए पुलिस ने एक टीम का गठन किया है। पुलिस ने खुलासा किया कि गिरोह का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को धोखा देना था जिन्हें एटीएम से पैसे निकालने में कठिनाई होती थी।  अमन शर्मा की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल अपराधों को अंजाम देने में किया जाता था, और उसके पास से विभिन्न बैंकों के 20 एटीएम कार्ड भी बरामद हुए हैं। अभियुक्तों के खिलाफ पहले से ही गोरखपुर और अन्य जनपदों में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें कुशीनगर में गैंगस्टर एक्ट का अभियोग भी शामिल है। गोरखपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे एटीएम कार्ड का उपयोग करते समय सतर्क रहें और अनजान लोगों से मदद न लें। पुलिस का कहना है कि एटीएम धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी, और अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि गोरखपुर पुलिस साइबर अपराध और धोखाधड़ी के मामलों को लेकर पूरी तरह से सतर्क और प्रतिबद्ध है, और अपराधियों पर सख्ती से शिकंजा कसा जा रहा है।