सात गरीब बेटियों के सिर सजा सुहाग का ताज, मानव शिक्षा सेवा संस्थान ने रचाई सामूहिक शादी—खुशियों से गूंज उठा परिसर

सात गरीब बेटियों के सिर सजा सुहाग का ताज, मानव शिक्षा सेवा संस्थान ने रचाई सामूहिक शादी—खुशियों से गूंज उठा परिसर

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, .प्र.

बड़हलगंज। आर्थिक तंगी के कारण जिन गरीब परिवारों के लिए बेटियों का विवाह एक बड़ी चिंता और चुनौती बना हुआ था, उनके आंगन में बुधवार को खुशियों की नई सुबह देखने को मिली। मानव शिक्षा सेवा संस्थान के प्रांगण में सात गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का सामूहिक विवाह पूरे सामाजिक एवं धार्मिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया। सातों जोड़ों के विवाह के दौरान संस्थान परिसर मंगलगीतों, वैवाहिक रस्मों और आशीर्वाद के शब्दों से गूंजता रहा।

यह सामूहिक विवाह समारोह केवल सात बेटियों के जीवन में नए अध्याय की शुरुआत नहीं था, बल्कि सामाजिक सरोकार, सेवा और मानवीय संवेदना की एक ऐसी मिसाल भी बना, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संस्था की यह पहल बेटियों के विवाह को लेकर उनके मन में बनी चिंता को कम करने वाली साबित हुई।

सात जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ

समारोह के दौरान दीपक-अंकिता, तेज प्रताप-कुमारी दीप, अर्जुन-ममता कुमारी, जामवंत-सविता, संतोष-कुसुम कुमारी, सुनील-दीप तथा सुजीत-कुमारी निशा का विवाह विधि-विधान एवं सामाजिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराया गया। विवाह की रस्मों के बीच नवविवाहित जोड़ों के चेहरे पर नई जिंदगी की उम्मीद और खुशियां साफ नजर आईं। उपस्थित लोगों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।

सेवा के साथ सम्मान का भी रखा गया ध्यान

मानव शिक्षा सेवा संस्थान की ओर से आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह को केवल सहायता के रूप में नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक गरिमा के साथ संपन्न कराने का प्रयास किया गया। संस्था के पदाधिकारियों का कहना रहा कि गरीब परिवारों के सामने बेटियों के विवाह को लेकर आर्थिक परेशानियां अक्सर बड़ी चुनौती बन जाती हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक संबल प्रदान करते हैं।

समाजसेवियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

समारोह में मानव शिक्षा सेवा संस्थान के प्रबंधक आलोक गुप्ता, समाजसेविका पूनम गुप्ता, प्रिया गुप्ता, नीलम देवी, रागिनी राव, सुरेश राय, अभिषेक राय एवं नितिन शाही सहित संस्थान से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने संस्था की इस पहल को सामाजिक सेवा की दिशा में सराहनीय कदम बताया।

आलोक गुप्ता बोले—जरूरतमंद बेटियों की मदद जारी रहेगी

मानव शिक्षा सेवा संस्थान के प्रबंधक आलोक गुप्ता ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना संस्था के सामाजिक सेवा अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संस्था का उद्देश्य समाज के उन परिवारों तक सहयोग पहुंचाना है, जिन्हें परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों के भविष्य को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मानव शिक्षा सेवा संस्थान आगे भी जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए सामाजिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा। बेटियों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सहयोग करना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामूहिक उत्तरदायित्व का भी परिचायक है।

लोगों ने की पहल की सराहना

सामूहिक विवाह समारोह में उपस्थित लोगों ने मानव शिक्षा सेवा संस्थान की पहल की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इससे परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और बेटियों के विवाह का सपना भी सम्मान के साथ पूरा होता है। समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब समाज के सक्षम लोग और संस्थाएं जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ी होती हैं तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी खुशियों के नए रास्ते बनाए जा सकते हैं।

सात बेटियों की नई जिंदगी, समाज के नाम सेवा का संदेश

बड़हलगंज में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह सात परिवारों के लिए यादगार दिन बन गया। सात बेटियों ने अपने जीवनसाथी के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की, वहीं समाज के सामने सेवा, सहयोग और संवेदना की एक प्रेरक तस्वीर भी सामने आई।

मानव शिक्षा सेवा संस्थान की यह पहल इस बात का संदेश देती है कि बेटियों की खुशियों में सहभागी बनना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।