हसनपुर में प्रधान पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच टली, 13 अगस्त को होगी बड़ी पड़ताल — ग्रामीणों में बढ़ी बेचैनी, प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप

आजमगढ़, हरैया ब्लॉक।
हरैया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाला हसनपुर गांव इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में है। यहां ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में गड़बड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों को लेकर गांव के कुछ लोगों ने हाल ही में जिलाधिकारी आजमगढ़ को एक विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें कहा गया था कि ग्राम प्रधान ने कई सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया, जिससे गांव का विकास ठप पड़ गया और सरकारी संसाधनों की बर्बादी हुई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ब्लॉक स्तरीय जांच टीम को 11 अगस्त को गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। इस सूचना के बाद ग्रामीण सुबह से ही जांच टीम के इंतजार में संबंधित कार्य स्थलों पर जुटे रहे, ताकि अधिकारी मौके पर वास्तविक स्थिति देख सकें।
लेकिन, निर्धारित दिन और समय पर जांच टीम का गांव में न पहुंचना ग्रामीणों के लिए गहरी निराशा का कारण बन गया। इससे माहौल गर्मा गया और लोगों में आक्रोश फैल गया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ब्लॉक स्तर के कुछ अधिकारी ग्राम प्रधान से मिले हुए हैं, जिसके चलते जानबूझकर जांच को टालने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
विरोध और दबाव के चलते ब्लॉक प्रशासन ने आश्वासन दिया कि अब यह जांच 13 अगस्त को होगी। हालांकि, ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी जांच में लापरवाही हुई या मामले को टालने का प्रयास किया गया, तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे।
गांव में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जांच टीम समय पर क्यों नहीं पहुंची? क्या वाकई यह महज लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साज़िश छिपी है?
अब सभी की निगाहें 13 अगस्त को होने वाली प्रस्तावित जांच पर टिकी हैं, क्योंकि यह दिन तय करेगा कि हसनपुर में विकास कार्यों की सच्चाई आखिर सामने आती है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।