यूपी में अब ड्यूटी पर ‘रील’ नहीं, सिर्फ ‘रियल’ सेवा! — सीएम योगी ने सख्त निर्देश दिए, रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती पर रोक
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है — “अनुशासन और सेवा भावना से कोई समझौता नहीं होगा।” मुख्यमंत्री ने सोमवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेशभर के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान रील या वीडियो बनाना एक गंभीर लापरवाही है, जो न केवल विभागीय अनुशासन के खिलाफ है बल्कि जनता की सुरक्षा जिम्मेदारी को भी प्रभावित करता है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि —
“संवेदनशील ड्यूटी पॉइंट्स पर रील या वीडियो बनाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी की तत्काल तैनाती रोकी जाए और ऐसे मामलों में कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की वर्दी जनता की सुरक्षा, विश्वास और अनुशासन का प्रतीक है, न कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने का माध्यम। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस विभाग में अनुशासन की संस्कृति को और मजबूत किया जाए तथा सोशल मीडिया पर अनुचित गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जाए। सूत्रों के अनुसार, सीएम योगी का यह निर्णय हाल के कुछ मामलों के बाद आया है, जहां पुलिसकर्मियों के ड्यूटी के समय रील या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने की घटनाएं सामने आई थीं। प्रदेश सरकार का यह कदम कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा पुलिस की छवि को अनुशासित, सेवा-प्रधान और जनविश्वासी रूप में बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।
सीएम योगी का संदेश साफ है — “वर्दी में जिम्मेदारी हो, दिखावा नहीं; सेवा में समर्पण हो, प्रचार नहीं।”






