डिजिटल इंडिया के नए आयाम: IICA में डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र

डिजिटल इंडिया के नए आयाम: IICA में डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र

BISAG-N के विशेष महानिदेशक विनय ठाकुर ने साझा की भविष्य की डिजिटल रूपरेखा

— “भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कौशल और सुरक्षित प्रौद्योगिकी भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति का मूल आधार हैं”: IICA DG & CEO

— “प्रौद्योगिकी अब सिर्फ सुविधा नहीं, सामाजिक समावेशन और आर्थिक पारदर्शिता की रीढ़ बन चुकी है”: विनय ठाकुर


भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (IICA) में शनिवार को डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा पर एक विशेष, ज्ञानवर्धक और अत्यंत प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के BISAG-N के विशेष महानिदेशक तथा NICSI के पूर्व प्रबंध निदेशक श्री विनय ठाकुर ने मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया। यह सत्र न केवल तकनीकी अंतर्दृष्टि से परिपूर्ण रहा, बल्कि भारत के उभरते डिजिटल परिदृश्य की दिशा और दशा को समझने का एक अनूठा अवसर भी प्रदान करता है।


भविष्य के डिजिटल भारत की नींव—IICA DG का प्रेरणादायक वक्तव्य

कार्यक्रम की शुरुआत IICA के महानिदेशक एवं CEO श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह के हार्दिक स्वागत से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

“भारत की सामाजिक-आर्थिक उन्नति में भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कौशल और सुरक्षित प्रौद्योगिकियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे पेशेवर तैयार करने होंगे जो न केवल तकनीक को समझें, बल्कि उसे जिम्मेदारी और सुरक्षा के साथ उपयोग भी कर सकें।”

उनका संदेश आज के युवाओं और पेशेवरों दोनों के लिए प्रेरणादायक रहा।


डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर—भारत की विश्व स्तरीय उपलब्धि

अपने विस्तृत व्याख्यान में श्री विनय ठाकुर ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को विश्व में सर्वश्रेष्ठ मॉडल बताया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख प्लेटफॉर्मों को भारत की डिजिटल क्रांति की नींव के रूप में रेखांकित किया:

  • आधार

  • यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)

  • डिजिलॉकर

  • भारतनेट

  • को-विन

  • उमंग

  • मेघराज क्लाउड

  • BISAG-N के GIS-आधारित प्लेटफॉर्म

उन्होंने कहा कि ये सभी प्लेटफॉर्म मिलकर “भारत में शासन, लोक सेवा और नागरिक सशक्तिकरण की परिभाषा बदल रहे हैं।”


“डिजिटल इंडिया केवल योजना नहीं, एक परिवर्तनकारी आंदोलन है”—विनय ठाकुर

श्री ठाकुर ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया आंदोलन ने तकनीक को सामाजिक परिवर्तन का साधन बना दिया है। उन्होंने कहा:

“प्रौद्योगिकी अब केवल सुविधा का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेशन, पारदर्शिता और आर्थिक विकास की धुरी बन चुकी है। भारत का डिजिटल परिवर्तन दुनिया के लिए प्रेरणा है।”

उन्होंने यह भी बताया कि कैसे तकनीकी साधन ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की दूरी पाट रहे हैं और कैसे डिजिटल पहुंच एक सामान्य नागरिक को सशक्त बना रही है।


साइबर सुरक्षा—भारत के डिजिटल भविष्य की सबसे अहम ढाल

तेज़ी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम के साथ साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर भी श्री ठाकुर ने गहन चर्चा की।
उन्होंने बताया कि—

  • देश के डिजिटल भविष्य की रक्षा के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है

  • AI-सक्षम साइबर हमले खतरा बढ़ा रहे हैं

  • डेटा संरक्षण और DPDP Act का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है

  • पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) जल्द ही अनिवार्य होने जा रही है

  • डिजिटल संप्रभुता के लिए स्वदेशी समाधानों का विकास अत्यंत आवश्यक है

उन्होंने कहा कि तकनीक जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से हमें अपने सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत करना होगा।


उत्साह से भरा संवाद—छात्रों और विशेषज्ञों ने पूछे महत्वपूर्ण प्रश्न

सत्र में IICA के संकाय सदस्यों, छात्रों और युवा पेशेवरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संवादात्मक प्रश्नोत्तर में प्रतिभागियों ने डिजिटल शासन, डेटा संरक्षण, क्लाउड सुरक्षा, GIS अनुप्रयोग और उभरती प्रौद्योगिकियों पर कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।


धन्यवाद प्रस्ताव—दूरदृष्टि और अनुभव के प्रति सम्मान

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें IICA की ओर से श्री विनय ठाकुर के बहुमूल्य मार्गदर्शन, भविष्य की दिशा देने वाली अंतर्दृष्टियों और प्रेरक विचारों के लिए आभार व्यक्त किया गया। सत्र ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत का डिजिटल भविष्य सुरक्षित, समृद्ध और वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है—और ऐसे संवाद इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।