गोरखपुर में वर्दी का खौफ: पुलिस की वर्दी पहनकर दिनदहाड़े आभूषण व्यापारी से 9.30 लाख की लूट, व्यापारियों में दहशत
क्राइम रिपोर्टर | गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
गोरखपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे पुलिस की वर्दी का सहारा लेकर दिनदहाड़े लूट को अंजाम दे रहे हैं। घंटाघर स्थित आभूषण दुकान के कर्मचारी से 9.30 लाख रुपये की नकदी लूटने की सनसनीखेज वारदात ने व्यापारियों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
गोरखपुर जनपद में शुक्रवार को एक ऐसी चौंकाने वाली लूट की वारदात सामने आई, जिसने न सिर्फ आम लोगों बल्कि पूरे आभूषण व्यापार जगत को हिला कर रख दिया। पीपीगंज निवासी आभूषण व्यापारी बलिराम जायसवाल की घंटाघर क्षेत्र में दुकान है। रोज़मर्रा की तरह शुक्रवार सुबह करीब 11:15 बजे उनके कर्मचारी संजय पाल दुकान से 9.30 लाख रुपये नकद लेकर गीता प्रेस रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक में जमा कराने निकले थे।
जैसे ही कर्मचारी मुंबई क्लॉथ हाउस (कालीबाड़ी मंदिर के पास) पहुंचा, तभी एक पुलिस की वर्दी जैसी पैंट और जैकेट पहने अज्ञात व्यक्ति ने उसे रोक लिया। खुद को प्रभावशाली दिखाते हुए आरोपी ने कर्मचारी को डराया और उसका नकदी से भरा बैग छीन लिया। लुटेरे ने चालाकी से कहा कि “जीएसटी के कागज लेकर आओ, तभी पैसा मिलेगा।” वर्दी और रौब के कारण कर्मचारी पूरी तरह घबरा गया और तुरंत दुकान वापस लौट आया। उसने पूरी घटना व्यापारी को बताई। जब तक व्यापारी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, आरोपी फरार हो चुका था।
व्यापारियों में आक्रोश और असुरक्षा:
दिनदहाड़े पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग कर की गई इस लूट की घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भय और गुस्से का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि वर्दी में ही अपराधी खुलेआम लूट करेंगे, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। पीड़ित व्यापारी बलिराम जायसवाल ने कोतवाली थाना में लिखित तहरीर देकर जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी अपील की है।
इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास जारी हैं। जल्द ही इस वारदात का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस की वर्दी पहनकर की गई यह लूट केवल एक अपराध नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और भरोसे पर सीधा हमला है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी से इस फर्जी वर्दीधारी लुटेरे को बेनकाब कर व्यापारियों और आम जनता के मन से भय दूर कर पाती है। पूरे शहर की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।






