गोरखपुर के ग्रामीण खिलाड़ियों का राष्ट्रीय मंच पर जलवा: स्वर्ण जीतकर जापान पहुंचे ईशु पासवान, कराटे गुरु सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब
- राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 के विजेताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों का भव्य सम्मान समारोह, ग्रामीण प्रतिभाओं ने बढ़ाया गोरखपुर का गौरव
- गोरखपुर से राष्ट्रीय मंच तक... ग्रामीण प्रतिभाओं ने लिखी सफलता की नई इबारतराष्ट्रीय कराटे विजेताओं का गोरखपुर में भव्य सम्मान
- स्वर्ण जीतकर जापान पहुंचे ईशु, खिलाड़ियों का हुआ सम्मान
- ग्रामीण खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया गोरखपुर का मान
- कराटे चैंपियनों और कोच का सम्मान समारोह आयोजित
- मलांव के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय कराटे में लहराया परचम
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, चंद्रप्रकाश मौर्य
गोरखपुर|
प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती, यदि उसे सही दिशा, समर्पित मार्गदर्शन और मजबूत हौसलों का साथ मिल जाए तो वह राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपना परचम लहरा सकती है। गोरखपुर के ग्रामीण क्षेत्र मलांव स्थित शितो-र्यू कराटे ट्रेनिंग सेंटर ने एक बार फिर इसी सत्य को साबित कर दिखाया है। राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित कराटे प्रशिक्षक सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य के सम्मान में आयोजित भव्य समारोह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का केंद्र बन गया। तालियों की गूंज, खिलाड़ियों के उत्साह, अभिभावकों की खुशी और ग्रामीणों के अभूतपूर्व उत्साह के बीच आयोजित यह सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण प्रतिभाओं की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का सार्वजनिक सम्मान बन गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं जिला पंचायत सदस्य, समाजसेवी आलोक कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन पूरे गोरखपुर जनपद के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का सबसे सशक्त साधन हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम और ऊंचा कर सकें।
ईशु पासवान ने स्वर्ण जीतकर जापान का टिकट किया पक्का
समारोह का सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब आया जब राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण पदक विजेता ईशु पासवान को सम्मानित किया गया। ईशु ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया बल्कि जापान में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के लिए भी अपना चयन सुनिश्चित कर लिया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे प्रशिक्षण केंद्र में खुशी की लहर दौड़ गई। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
रजत पदक विजेताओं ने भी बढ़ाया गोरखपुर का मान

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों वंशिका पांडेय, कंचन यादव और ईशिका पासवान ने भी रजत पदक जीतकर गोरखपुर का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन किया। इन सभी खिलाड़ियों को मंच पर सम्मानित करते हुए अतिथियों ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य: जिनकी मेहनत से चमक रही हैं ग्रामीण प्रतिभाएँ

समारोह का विशेष आकर्षण रहे कराटे प्रशिक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य, जिन्हें उनके उत्कृष्ट योगदान और राष्ट्रीय उपलब्धियों के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य ने स्वयं राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 में रजत पदक जीतकर जापान में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपना चयन सुनिश्चित किया है। लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि केवल उनका पदक नहीं, बल्कि वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आत्मरक्षा, अनुशासन, मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस का प्रशिक्षण देकर उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। आज उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए अनेक खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपने गांव, जनपद और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
मलांव का प्रशिक्षण केंद्र बना ग्रामीण खेल प्रतिभाओं की नई पहचान

कभी सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुआ शितो-र्यू कराटे ट्रेनिंग सेंटर, मलांव आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। यह प्रशिक्षण केंद्र केवल कराटे सिखाने का स्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाला एक सशक्त मंच बन गया है, जहाँ अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति के संस्कार भी दिए जाते हैं।
अभिभावकों ने जताया गर्व, कहा— गांव से निकल रहे हैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
कार्यक्रम में उपस्थित खिलाड़ियों के अभिभावक कृष्णा पांडेय ने कहा कि सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य के समर्पण, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट प्रशिक्षण के कारण आज ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए बड़े मंचों तक पहुंचना केवल सपना माना जाता था, वहीं आज यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना सम्मान समारोह
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, खेल प्रेमियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ियों की मेहनत का सम्मान होता है तो अन्य बच्चे भी खेलों की ओर आकर्षित होते हैं और नशे, अपराध तथा सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन अपनाते हैं।
ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने बनाया समारोह यादगार
सम्मान समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, खेल प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होता रहा और तालियों की गूंज वातावरण को गौरवान्वित करती रही। कार्यक्रम का समापन सभी विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अतिथियों के सम्मान तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
गोरखपुर के मलांव स्थित शितो-र्यू कराटे ट्रेनिंग सेंटर की यह उपलब्धि केवल पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का तिरंगा गर्व से लहरा सकती हैं। ईशु पासवान, वंशिका पांडेय, कंचन यादव, ईशिका पासवान और सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य की सफलता आज पूरे पूर्वांचल के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। यह सम्मान समारोह खेल, अनुशासन, संघर्ष और सफलता की उस यात्रा का उत्सव है, जो आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस देता रहेगा।







