गुरुग्राम में 5 करोड़ का संपत्ति घोटाला बेनकाब: फर्जी कागज़ात बनाकर मुआवज़ा हड़पने की साजिश, पाँच आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम में 5 करोड़ का संपत्ति घोटाला बेनकाब: फर्जी कागज़ात बनाकर मुआवज़ा हड़पने की साजिश, पाँच आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम (हरियाणा)।
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये के संपत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मिलकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर अदालत से ज़मीन का मुआवज़ा हड़पने की साजिश रची थी। इस खुलासे ने न केवल शहर के लोगों को चौंका दिया है बल्कि प्रशासनिक तंत्र की चौकसी पर भी सवाल खड़े किए हैं।


 29 जनवरी को मिली थी शिकायत

पुलिस के मुताबिक, 29 जनवरी को जिला अदालत से शिकायत मिली थी कि एक व्यक्ति ने जालसाज़ी कर ज़मीन का मालिकाना हक़ हासिल कर लिया है और अदालत में मुआवज़े का दावा ठोक दिया। मामला गंभीर होने पर शिवाजी नगर थाने में केस दर्ज किया गया और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।


 SIT की गहन जांच और गिरफ्तारी

जांच के दौरान SIT ने पाया कि आरोपी लंबे समय से फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे ज़मीन के असली मालिकों की पहचान छुपाकर खुद को मालिक साबित करने की कोशिश कर रहे थे। धीरे-धीरे पुलिस ने इस साज़िश के तार खोले और सबूत जुटाने के बाद पाँचों आरोपियों को धर दबोचा। फिलहाल सभी से कड़ी पूछताछ जारी है, ताकि इस गड़बड़ी के पीछे और किन लोगों की संलिप्तता है, इसका खुलासा हो सके।


 कोर्ट और प्रशासन दोनों चौकन्ने

इस मामले ने अदालत और प्रशासन दोनों को सतर्क कर दिया है। अदालत के अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचता है, बल्कि असली ज़मीन मालिकों का हक भी मारा जाता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।


गुरुग्राम का यह 5 करोड़ का संपत्ति घोटाला बताता है कि कैसे फर्जीवाड़ा और जालसाज़ी के ज़रिए लोग कानून और व्यवस्था को चकमा देने की कोशिश करते हैं। लेकिन पुलिस की सजगता और SIT की तत्परता से यह साज़िश समय रहते उजागर हो गई।