एम्स गोरखपुर में रेडियोथेरेपी सेवाएं ठप, मरीजों को हो रही परेशानी

जिला संवाददाता चंद्र प्रकाश मौर्य की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश
गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में कैंसर रोगियों के लिए शुरू की गई रेडियोथेरेपी सेवाएं फिलहाल बंद हो गई हैं। रेडियोलॉजिकल सेफ्टी ऑफिसर (आरएसओ) के इस्तीफे के बाद से यह समस्या उत्पन्न हुई है।
जानकारी के अनुसार, एम्स में 19 मई को रेडियोथेरेपी सेवा की शुरुआत हुई थी, लेकिन 20 अगस्त से यह बंद हो गई। आरएसओ अंबिली ने 13 अगस्त को अपना इस्तीफा दे दिया था। अनुरोध पर उन्होंने एक सप्ताह तक कार्य जारी रखा, लेकिन बाद में पद छोड़ दिया। उनका एक वर्ष का कार्यकाल अभी शेष था।
एम्स में कैंसर मरीजों को बेहद कम दर पर रेडियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही थी। शुरुआत के डेढ़ महीने तक यह सेवा निशुल्क उपलब्ध रही। इसके बाद एम्स दिल्ली की तरह प्रत्येक प्रक्रिया का शुल्क 750 रुपये रखा गया। अब तक लगभग 100 कैंसर रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है।
एम्स गोरखपुर में लीनियर एक्सीलेटर मशीन पहले से स्थापित है। साथ ही ब्रैकीथैरेपी मशीन भी लगी हुई है, लेकिन भवन के भूमिगत हिस्से में पानी भरने के कारण यह सेवा अब तक शुरू नहीं हो पाई।
एम्स की मीडिया सेल की चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि आरएसओ की नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नियुक्ति पूरी होने पर रेडियोथेरेपी सेवाएं दोबारा शुरू कर दी जाएंगी।
गोरखपुर। एम्स प्रशासन ने नए रेडियोलॉजिकल सेफ्टी ऑफिसर (आरएसओ) की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 40 लोगों ने आवेदन किया है और अगले महीने साक्षात्कार होगा। चयनित उम्मीदवार को कार्यभार संभालने में एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इस दौरान जिन मरीजों का इलाज अधूरा है, उन्हें दूसरे केंद्रों पर जाने की सलाह दी जा रही है। निजी केंद्रों में ऊंचे खर्च के चलते मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
पहले भी हो चुकी है समस्या
लीनियर एक्सीलेटर मशीन के तार पिछले वर्ष चूहों ने काट दिए थे, जिसके चलते इंजीनियरों को बुलाना पड़ा था। अब फिर मशीन बंद कर दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मशीन बंद होने पर चूहों द्वारा तार काटने का खतरा और बढ़ जाता है। यदि ऐसा हुआ तो मशीन को ठीक करने में दिक्कतें बढ़ेंगी।
आरएसओ की अनुपस्थिति में न तो विकिरण का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है और न ही रेडियोथेरेपी की सेवाएं दी जा सकती हैं।