मलांव में Shito -Ryu Karate Training Centre का भव्य शुभारंभ, बच्चों व युवाओं को मिलेगा आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
जिला संवाददाता उत्तर प्रदेश
मलांव, चौराहा (गोरखपुर)
खेल और आत्मरक्षा के क्षेत्र में बच्चों व युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए Shito-Ryu Karate Training Centre का भव्य शुभारंभ 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मलांव, चौराहा, गोरखपुर में किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में क्षेत्र के कई सम्मानित एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम और भी भव्य व प्रेरणादायक बन गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद मुख्य अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस कराटे प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से बच्चों और युवाओं को न केवल आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच का भी विकास किया जाएगा। प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य (इंटरनेशनल प्लेयर, गोल्ड मेडलिस्ट, ब्लैक बेल्ट 2nd डान) द्वारा निभाई जा रही है, जो वर्षों से कराटे के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देते आ रहे हैं और कई खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा चुके हैं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश कुमार पांडेय (CISF), राम आशीष मौर्य (महासचिव), मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार (पूर्व विधायक), डॉ. संजय कुमार (MBBS, MD), संदीप मोदनवाल (ग्राम प्रधान), मुकुंद नारायण सेवक पांडेय (लल्लू बाबा), बंटे कृष्णा पांडेय (टेक्निकल मैनेजर), देवेंद्र मौर्य – मलांव सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रशिक्षण केंद्र खुलना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। आज के समय में आत्मरक्षा केवल एक खेल नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुकी है। कराटे जैसे मार्शल आर्ट्स से बच्चों में साहस, सतर्कता और आत्म-नियंत्रण विकसित होता है।
कराटे कोच चंद्र प्रकाश मौर्य ने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण व्यक्ति को केवल लड़ना नहीं, बल्कि खतरे से बचने, स्थिति को समझने और सुरक्षित निकलने की कला सिखाता है। नियमित अभ्यास से शरीर मजबूत होता है और मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है, जिससे बच्चे पढ़ाई और खेल दोनों में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
बालक और बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। इससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास प्राप्त करते हैं।
संस्था के आयोजकों ने बताया कि यह प्रशिक्षण केंद्र आगे चलकर जिले के लिए राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करेगा तथा युवाओं को नशे और गलत संगत से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्थानीय लोगों में इस प्रशिक्षण केंद्र को लेकर काफी उत्साह देखा गया। क्षेत्रवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण के लिए भेजने की अपील की। लोगों का मानना है कि यह केंद्र मलांव और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक नई पहचान बनेगा।






