धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती पर आदिवासी विकास का ‘महाअभियान’: नर्मदा में PM मोदी का ऐतिहासिक कार्यक्रम
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार
जनजातीय गौरव दिवस पर PM मोदी का गुजरात दौरा: नर्मदा में 9,700 करोड़ की मेगा परियोजनाओं का शुभारंभ, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आदिवासी सशक्तिकरण का नया अध्याय”
15 नवंबर—जनजातीय गौरव दिवस। एक ऐसा दिन जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर, विरासत और जनजातीय समुदायों के संघर्ष, साहस और गौरव को समर्पित है। इसी विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के नर्मदा ज़िले में एक ऐतिहासिक और व्यापक विकास यात्रा पर रहेंगे। उनका यह दौरा न केवल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को समर्पित है, बल्कि देशभर में आदिवासी क्षेत्रों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम भी है।
एक दिन, एक संकल्प—आदिवासी गौरव को राष्ट्रीय पहचान

जनजातीय गौरव दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के आदिवासी समाज की वीरता, संस्कृति और योगदान को याद करने का गौरवशाली अवसर है। इस वर्ष यह दिन और अधिक ऐतिहासिक बन रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के विशेष समारोह में शामिल होंगे—एक ऐसे महानायक जिनके त्याग और संघर्ष ने आदिवासी पहचान को नई रोशनी दी। प्रधानमंत्री का यह दौरा आदिवासी विकास, सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सरकार की नई ऊर्जा और समर्पण को दर्शाता है।
नर्मदा में 9,700 करोड़ की विकास क्रांति — शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, विरासत
सब शामिल
देवमोगरा मंदिर में पूजा — परंपरा और सेवा का संगम
दोपहर करीब 12:45 बजे, प्रधानमंत्री देवमोगरा मंदिर पहुँचकर पूजा-अर्चना करेंगे। यह नर्मदा क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से गहरा जुड़ा हुआ स्थान है।
डेडियापाड़ा में भव्य समारोह — हजारों लोग होंगे साक्षी
दोपहर 2:45 बजे प्रधानमंत्री डेडियापाड़ा पहुँचेंगे, जहाँ वे
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धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोह में भाग लेंगे
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और 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास करेंगे
यह कार्यक्रम आदिवासी क्षेत्रों की जीवनशैली, शिक्षा और आर्थिक अवसरों को बदलने वाली बड़ी और ऐतिहासिक घोषणाओं का केंद्र होगा।
1 लाख घरों का गृह प्रवेश — जनजातीय परिवारों के जीवन में उजाला
पीएम मोदी PM-जनमन और डीए-जगुआ अभियान के तहत बने 1,00,000 घरों के गृह प्रवेश कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। ये घर सिर्फ चारदीवारियाँ नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और स्थायी विकास का प्रतीक हैं।
शिक्षा क्रांति: 42 ईएमआरएस स्कूलों का उद्घाटन + 50 नए स्कूलों की नींव
शिक्षा पर सबसे बड़ा फोकस—
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42 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) का उद्घाटन
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50 नए ईएमआरएस स्कूलों की आधारशिला
इन पर कुल 1,900 करोड़ और अतिरिक्त 2,320 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ये स्कूल आदिवासी बच्चों के भविष्य को शिक्षा, तकनीक और आधुनिक संसाधनों से सशक्त बनाएंगे।
स्वास्थ्य और विरासत को नया घर
प्रधानमंत्री निम्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे:
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असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ में ‘सक्षमता केंद्र’
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मणिपुर के इंफाल में आदिवासी अनुसंधान संस्थान (TRI) भवन
यह संस्थान आदिवासी परंपरा, चिकित्सा, संस्कृति और ज्ञान के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
748 KM नई सड़कें + 250 नई बसें — आदिवासी क्षेत्रों को नई कनेक्टिविटी
इस दौरे का एक बड़ा फोकस संपर्क-सुविधा पर है।
प्रधानमंत्री करेंगे:
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748 किलोमीटर नई सड़कों का शिलान्यास
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गुजरात के 14 जनजातीय जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी
यह कदम शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और व्यापार के अवसरों को तेज़ी से बढ़ाएगा।
228 बहुउद्देश्यीय केंद्र + 14 जनजातीय मल्टी-मार्केट सेंटर (TMMC)
ये केंद्र आदिवासी समुदायों के लिए
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प्रशिक्षण
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संस्कृति
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आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेंगे, जिससे गांवों में स्थानीय उद्योग और स्वरोज़गार को मजबूती मिलेगी।
जनजातीय गौरव दिवस पर विकास का नया युग
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल योजनाओं का उद्घाटन भर है,बल्कि एक संदेश है—
“आदिवासी समाज भारत का गौरव है, और उनका विकास राष्ट्र विकास का मुख्य स्तंभ।”
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर यह विकास संकल्प आदिवासी जीवन को नई रोशनी, नए अवसर और नई पहचान देने वाला युगांतकारी कदम है। नर्मदा से उठने वाली यह विकास-धारा आने वाले वर्षों में पूरे देश में समावेशी विकास, शिक्षा, सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की नई मिसाल बनेगी।






