स्वतंत्रता दिवस 2025: अमर शौर्य, एकता और गर्व का महापर्व

स्वतंत्रता दिवस 2025: अमर शौर्य, एकता और गर्व का महापर्व

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2025
आज भारत ने एक बार फिर तिरंगे की शान में सिर ऊंचा किया, जब पूरा देश आज़ादी के 79 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। सूरज की पहली किरण के साथ ही आसमान तिरंगे रंगों में रंग उठा, गलियों और चौकों में राष्ट्रभक्ति के गीत गूंजने लगे और हर घर, हर दिल में मातृभूमि के प्रति असीम प्रेम उमड़ पड़ा।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की विकास गाथा, नवाचार, सुरक्षा, और सामाजिक समरसता की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और भविष्य की योजनाओं की झलक पेश की। उनकी वाणी में वह जज़्बा और विश्वास झलक रहा था जो देश के 140 करोड़ नागरिकों को एक सूत्र में बांध देता है।

स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और ग्राम पंचायतों में तिरंगा फहराया गया। बच्चों ने देशभक्ति के गीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से आज़ादी के वीरों को नमन किया। बाजारों में रौनक देखते ही बनती थी — हर दुकान, हर गली, हर छत पर तिरंगा लहराता नज़र आया।

इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस खास इसलिए भी रहा क्योंकि देश ने विज्ञान, खेल और अंतरिक्ष के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों तक, हर कोने में विकास की गूंज सुनाई दे रही है। युवाओं में जोश और बुजुर्गों में गर्व की चमक साफ दिखाई दे रही थी।

शाम होते-होते नगरों और कस्बों में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। राष्ट्रगान की गूंज के साथ आतिशबाजी ने आसमान को रोशनी से भर दिया — मानो पूरा ब्रह्मांड भारत के गौरव में नतमस्तक हो गया हो।

आज का दिन केवल जश्न का नहीं, बल्कि उन शहीदों को स्मरण करने का भी है जिन्होंने अपने लहू से इस धरती को सींचा, ताकि हम स्वतंत्र सांस ले सकें। यही भावना हमें आने वाले कल के लिए प्रेरणा देती है — कि हम अपने देश को और ऊंचाइयों तक ले जाएं, और तिरंगा सदा गर्व से लहराता रहे।

"तिरंगे के तीन रंग — साहस, शांति और समर्पण — हमारे हर कदम का मार्गदर्शन करते रहेंगे।"